नई दिल्ली | 2 नवंबर 2026: नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक बोरकर शामिल हुए। इस राष्ट्रीय स्तरीय बैठक में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए प्रदेश अध्यक्षों सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं ने सहभागिता की।
बैठक में देश के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों, कर्मचारियों एवं मेहनतकश वर्ग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। विशेष रूप से श्रमिकों की वर्तमान स्थिति, उनके अधिकारों, सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा, रोजगार की चुनौतियों, न्यूनतम मजदूरी, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों की श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक बोरकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास की नींव श्रमिकों के परिश्रम पर टिकी हुई है। निर्माण कार्यों से लेकर औद्योगिक इकाइयों, कृषि, परिवहन, घरेलू कार्यों और विभिन्न असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले करोड़ों श्रमिक देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में श्रमिक सामाजिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार, उचित पारिश्रमिक और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का व्यापक एवं पारदर्शी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए तथा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक प्रक्रिया और बाधा के सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। इसके साथ ही श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा, दुर्घटना बीमा, पेंशन, बच्चों की शिक्षा, महिला श्रमिकों की सुरक्षा एवं सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
अभिषेक बोरकर ने यह भी सुझाव रखा कि संगठन को राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश, जिला, ब्लॉक एवं औद्योगिक क्षेत्रों तक और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाया जाए, ताकि श्रमिकों की समस्याओं को केवल बैठकों तक सीमित न रखकर उन्हें संबंधित विभागों एवं सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। प्रत्येक राज्य में श्रमिकों के बीच नियमित संवाद स्थापित कर उनकी वास्तविक समस्याओं का संकलन किया जाना चाहिए तथा उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना समय की आवश्यकता है। संगठन का उद्देश्य केवल पदों और समितियों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक को उसका अधिकार, सम्मान और न्याय दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करना होना चाहिए।
बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय नेतृत्व एवं विभिन्न प्रदेशों के पदाधिकारियों ने भी श्रमिकों के हितों से जुड़े विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव रखे। बैठक में संगठन के विस्तार, आगामी कार्यक्रमों, श्रमिकों के बीच जनसंपर्क बढ़ाने तथा देशव्यापी स्तर पर श्रमिक हितों के लिए संगठित प्रयास करने पर भी चर्चा हुई।
अभिषेक बोरकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में प्रदेश के सभी जिलों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को और गति दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को संगठन से जोड़कर उनकी आवाज को बुलंद किया जा सके।
उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व एवं बैठक में उपस्थित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से देशभर के असंगठित कामगारों एवं कर्मचारियों के हितों की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
अभिषेक बोरकर
प्रदेश अध्यक्ष
असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश




