June 13, 2026

आखिर मोदी सरकार, रमन सरकार की ‘नान डायरी’ की जांच कराने से क्यों डर रही है?

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर (Dhananjay Singh Thakur) ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी को पत्र लिखकर रमन सरकार (Raman Sarkar) के दौरान हुए 36000 करोड़ का नान घोटाला, रमन मेडिकल स्टोर के पता में पनामा में खुले अभिषाक सिंह के नाम से बैंक खाता एवं चिटफंड घोटाले की जांच की मांग किये थे, लेकिन अभी तक मोदी सरकार उक्त शिकायत की जांच नहीं करवाई है आखिर मोदी सरकार नान डायरी की जांच कराने से क्यों डर रही है? क्या नान डायरी की जांच कराने से घोटाले में शामिल भाजपा के बड़े नेताओं का चेहरा पर्दाफाश हो जाएगा नान डायरी में दर्ज मैडम सीएम कौन है सीएम सर कौन हैं ऐश्वर्या रेसीडेंसी में कौन रहती है ये उजागर हो जायेगा और रमन सरकार की काली करतूत सामने आ जायेगा इसलिये जांच नही करवा रहे है?

पूर्व रमन सरकार की नान डायरी और पनामा मामले में मोदी की बोलती बंद क्यों है?

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल के रमन सरकार के दौरान अनेक घोटाला और गड़बड़ियां हुई है। 1 लाख करोड़ से अधिक की क्षति राज्य के खजाने को पहुंचाई गई है चिटफंड घोटाला, धान घोटाला, चावल घोटाला, नमक घोटाला, पनामा पेपर्स घोटाला, डीकेएस सरकारी अस्पताल का घोटाला, हेलीकॉप्टर खरीदी घोटाला, चरण पादुका घोटाला,मोबाइल खरीदी घोटाला, दवा खरीदी घोटाला, सहित अनेक घोटाले और गड़बड़िया की गई थी। घोटालों की शिकायत लगातार की गई है। बृजमोहन अग्रवाल की जलकी जमीन कब्जे की शिकायत पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है? इससे समझ में आता है कि मोदी सरकार, भ्रष्टाचारियों घोटालों बाजों के संरक्षक हैं मोदी सरकार में नैतिकता बाकी है तो पूर्व रमन सरकार के दौरान की नान की डायरी की जांच कराये।

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