June 7, 2026

महादेव आईडी के बाद चलचलैया की बेला की तर्ज पर अब हत्या व दुघर्टनाओं में मौत के मामले में मुआवजा 50 लाख व सरकारी नौकरी की उठने लगी मांग

महादेव आईडी के बाद चलचलैया की बेला की तर्ज पर अब हत्या व दुघर्टनाओं में मौत के मामले में मुआवजा 50 लाख व सरकारी नौकरी की उठने लगी मांग
आने वाले समय में नासूर साबित होने से पहले केन्द्र सरकार व राज्य सरकार को विधानसभा में लाना होगा विशेष बिल
भिलाई। दुर्ग पुलिस जहां एक ओर महादेव आईडी से उबर नही पा रही है,एफआईआर दर्ज होने के बाद भी दुबई में बैठे सरगनाओं तक पुलिस नही पहुंच पा रही है, वहीं ईडी भी दुर्ग पुलिस से दस्तावेजों लेकर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और मुख्य सरगना सौरभ चन्द्राकर व उनके अन्य साथियों पर लुकआउट नोटिस भी दुर्ग और रायपुर पुलिस द्वारा लुकआउट नोटिस भी जारी हो गई है। दुर्ग पुलिस ने इस मामले में पहला एफआईआर सन 2022 में मोहननगर थाने में दर्ज की थी। एसपी दुर्ग शलभ सिनहा ने बताया कि अब तक दुर्ग पुलिस ने 32 एफआईआर महावेद आनलाईन सट्टा मामले दर्ज की है। और सौ करोड का ट्रांजेक्शन बैक एकाउंट होल्ड किया गया है। इसके अलावा दुर्ग जिले में व्हीव्हीआईपी मुमेंट, लाईन आर्डर, धरना प्रदर्शन से पुलिस अभी उबर भी नही पा रही है कि एक नई परंपरा की शुरूआत चल चलैया की बेला पर दुर्ग जिले में शुरू हो गई है कि चाहे मर्डर हो या सडक हादसा हो, अब पब्लिक व नेताओं की मांग चुनाव नजदीक आते ही नये रूप में उभर रही है जिसमें ऐसे मामलों में 50 लाख रूपये की मुआवजा व सरकारी नौकरी की डिमांड करने लगे है। जो कि आगे चलकर राज्य सरकार के लिए बड़ा सरदर्द बनने जा रहा है, ऐसे में इस व्हीव्हीआईपी जिले में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के लिए त्वरित निर्णय व कानून व्यवस्था संभालने वाले बेहतर अफसरों की आवश्यकता दुर्ग जिले में महसूस की जा रही है। बहरहाल मलकीत सिंह हत्याकांड की बात करें या जामुल में हुए ट्रक हादसे की, दोनेा ही मामले मे ंदोनो ही नवजवान युवकों की जान चली गई। लेकिन मांग और मांग सिर्फ एक ही 50 लाख मुआवजा और सरकारी, ऐसे में केन्द्र की भाजपा सरकार व राज्य सरकार को अपने चुनावी घोषणा पत्र के साथ साथ विधानसभा व सांसद में एक बिल पास करना चाहिए कि ेऐसे मामले मे ंकितना मुआवजा व किस मामले में किस आधार पर सरकारी नौकरी दी जायेगी। नही तो आने वाले दिनों में यह बहुत ही नासूर साबित होगी।

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