लगातार बैठे रहने वालों को हो रही है ये भयंकर बीमारी, कहीं आप तो इसका शिकार नहीं
लगातार बैठ कर काम करने से एक नहीं कई बीमारियों की संभावना बनी रहती है. जैसे तनाव, मोटापा, पाचन क्रिया से सम्बंधित और मानसिक बीमारियां भी. 10 घंटे या उससे ज्यादा समय तक बैठे रहने वालों को डिमेंशिया नाम की बीमारी का डर रहता है. आजकल युवाओं को नौकरी में अच्छा परफॉर्म करने के लिए घंटों कंप्यूटर के आगे एक ही जगह पर बैठे रहना पड़ता है. अगर लगातार लम्बे समय तक यही दिनचर्या रहती है तो डिमेंशिया की चपेट में आने के चांस बढ़ जाते हैं, डिमेंशिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें हम चीजों को भूल जाते हैं. किसी को पहचान पाने में दिक्कत महसूस होती है. दिमाग पर जोर डालने के बावजूद सामने वाले का नाम तक याद नहीं आता. पहले ये बीमारी 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को होती थी लेकिन अब खराब लाइफ स्टाइल के कारण युवा भी इसकी चपेट में हैं.
एकेडमी फ्रोम द यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलीफोर्निया और यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना ने अपने अध्ययन में पाया है कि जो लोग दिन में 10 घंटे से ज्यादा एक ही जगह पर बैठे रहते हैं, उनमें डिमेंशिया का खतरा 8 प्रतिशत तक ज्यादा है. जो लोग 12 घंटे तक गतिहीन रहकर काम करते हैं उनमें डिमेंशिया के साथ साथ याददास्त खोने यानी मेमोरी लॉस की बीमारी होने संभावना 63 प्रतिशत तक है. इसलिए जो लोग लम्बे समय तक कंप्यूटर का इस्तेमाल, वीडियो गेम खेलना, ड्राइविंग, टीवी देखना और बैठकर बिना ज्यादा हिले डुले एक ही काम कर रहे हैं उन्हें समय रहते सतर्क होना पड़ेगा. इस अध्ययन के आंकड़े डरावने हैं
अगर आपको भी अपने आप में डिमेंशिया के लक्षण नजर आएं तो समय रहते सावधान हो जाएं, एक्सरसाइज करें. दिमागी कसरत पर ध्यान दें और लम्बे समय तक एक जगह पर बैठे न रहें. काम के बीच में थोड़ी देर के लिए ब्रेक लें और चहल कदमी करें. खाने पीने में संतुलित आहार लें. अच्छा संगीत सुनें. डांस करें और किताब पढ़ें. अगर लगातार भूलने की बीमारी बढ़ रही है तो किसी अच्छे काउंसलर की मदद भी ले सकते हैं. समय रहते सचेत होना ही इसका इलाज है.