कृषि उपज मंडी में रिकार्ड तोड़ आवक के कारण सभी रास्ते दिन भर रहे जाम
भाटापारा :_ भाटापारा कृषि उपज मंडी में सोमवार को रिकार्ड तोड़ आवक के चलते मंडी पहुंच वाले मार्ग दिन भर बाधित रहे,सभी सड़को पर धान से भरे वाहनों की लंबी कतार ने आम आदमी को भी अच्छा खासा परेशान कर दिया।यातायात सुचारू नहीं होने से लोगो को खास तौर से मरीजों को परेशानी का सामना करने विवश होना पड़ा।लोगो ने कलेक्टर से भाटापारा मंडी जाने की व्यवस्था बाधा रहित करने की मांग की है।
नगर की कृषि उपज मंडी में
धान की रिकॉर्ड तोड़ आवक हुई। आवक इतनी ज्यादा हुई की मंडी प्रशासन से व्यवस्था नहीं संभल पा रही है ।नौ तपा लगा होने भीषण गर्मी में तापमान अपने पूरे शबाब पर है लगभग 45 डिग्री सेल्सियस के चलते किसानों का भी हाल बेहाल हो गया है।सोमवार कोकृषि उपज मंडी प्रांगण में शनिवार का और रविवार का बचा हुआ काम चल रहा था सोमवार को स्थिति और ज्यादा खराब रही। मंडी प्रांगण में अपनी उपज ले कर बाहर से आए किसानों के वाहनों की लंबी कतार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक तरफ शिशु मंदिर वाले मार्ग पर आडील अस्पताल तक,तो वही सामने परदेशी होटल वाली लाइन में सचदेव सायकल तक,बस स्टैंड मार्ग में बब्बू होटल तक और लिंक रोड में वेयरहाउस तक लंबी लाइन लगी रही। बब्बू होटल चौक साइड तो हालत यह हो गए हैं कि ट्रैफिक जाम लगा रहा,जिसके कारण यातायात पुलिस विभाग भी बेहद परेशान है।अस्पताल वाले मार्ग पर जाम के चलते कार वालो को भी अत्यधिक परेशान और चिल्लाते हुए देखा गया।लोगो का कहना है कि कृषि उपज मंडी प्रशासन को चाहिए कि मंडी प्रशासन की ओर से आदमी लगाकर जो गाड़ियां धान लेकर आ रही है उन्हें व्यवस्थित रूप से अलग स्थान पर खड़ी कराये तथा एक तरफ खड़ी कराए ताकि दूसरे मार्ग से यातायात चलता रहे परंतु मंडी प्रशासन को कोई मतलब दिखता नजर नहीं आया।मंडी प्रशासन के असहयोग के कारण किसान सबसे ज्यादा परेशान है और अपनी उपज को बिचौलियों को कम दाम में देने मजबूर होना पड़ रहा है।किसानों ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि भाटापारा मंडी का निरीक्षण करने आए और यहां के किसानों की समस्याओं का निदान और सुविधाओं में बढ़ोतरी करने विशेष निर्देश मंडी प्रशासन को दे।इस बीच बताया जाता है कि सोमवार को कृषि उपज मंडी के अंदर लगभग धान की आवक 30 हजार क्विंटल बताई गई है। लोगो का मानना है कि मंडी प्रशासन से भाटापारा मंडी की व्यवस्था संभल नहीं पा रही है और भाटापारा मंडी में एक सीनियर सचिव की कमी महसूस की जा रही है क्युकी वर्तमान सचिव अपनी सेवानिवृति के बाद वर्तमान में संविदा में पदस्थ बताए जाते है।