भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों ने तृतीय पक्ष के उन कर्मचारियों अधिकारियों के आवंटित आवासों पर प्रश्न उठाया है जिन्हें लाइसेंस पद्धति पर तो आवंटित किया है
अनेक स्थानांतरित अधिकारी इन आवासों में रहते हैं जबकि वास्तविकता यह है कि भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य को पूरा करने के लिए ऐसे ऐसे अधिकारियों को आवास आवंटित किया है जो तृतीय पक्ष के मामलों में सिस्टम से बाहर जाकर भिलाई इस्पात संयंत्र को मदद कर सके ऐसे आवासो में जिला न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय तक के अधिकारी कर्मचारियों को बड़े-बड़े आवास दिए गए हैं पुलिस विभाग के छोटे बड़े अधिकारियों को आवास दिए गए हैं इनकम टैक्स सेल टैक्स एक्साइज विभाग के अधिकारियों को आवास दिए गए हैं जिसे समय-समय पर बीएसपी के अधिकारी अपने आओ अपने स्वार्थ की पूर्ति करते हैं । ऑफिसर्स एसोसिएशन का यह कदम स्वागत योग्य ।
ऑफिसर एसोसिएशन के अधिकारियों को एक कदम और आगे बढ़ना चाहिए था जिसमें इस बात का उल्लेख करना था की भिलाई इस्पात संयंत्र के वह अधिकारी जिन्होंने हाउस लीज योजना के तहत आवास लेकर बिना अनुमति हजारों वर्ग फुट जमीन पर बिना अनुमति निर्माण कर लिया है ऐसे निर्माण पर इन पर भी प्रतिमाह पैनल रेंट लगाया जाना चाहिए जैसा शहर के दुकानों के आवासीय परिसर पर लगाया जाता है इन अधिकारियों को राज्य शासन के अधिकारियों को चुनौती देने के पहले अपने अंदर झांक कर देखना चाहिए कि आपने हाउस लीज के मकानों को लेकर बिना अनुमति निर्माण क्यों किया है कलेक्टर दुर्ग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव को इस विषय को संज्ञान में लेना चाहिए और ऐसे आवासों पर भी इस्पात मंत्रालय को कार्यवाही के आदेश देने चाहिए ।
सिर्फ शहर के दुकानदारों को सामाजिक शैक्षणिक धार्मिक संस्थाओं के संस्थानों को परेशान करने की भिलाई इस्पात संयंत्र की नीति का शहर के दुकानदार सामाजिक शैक्षणिक धार्मिक संस्था के प्रतिनिधि न्याय संगत फैसला लेकर ही छोड़ेंगे