गणतंत्र की 75 वीं वर्षगांठ और श्रमिकों की स्थिति”* विषय पर जुबली पार्क, सेक्टर 6, भिलाई में एक बैठक का आयोजन किया गया.
*सेंटर आफ स्टील वर्कर्स- ऐक्टू* द्वारा 26 जनवरी को संविधान व गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर *”गणतंत्र की 75 वीं वर्षगांठ और श्रमिकों की स्थिति”* विषय पर जुबली पार्क, सेक्टर 6, भिलाई में एक बैठक का आयोजन किया गया.
बैठक की शुरुआत स्वतंत्रता आंदोलन में बलिदान हुए वीर शहीदों की याद में 1 मिनट का मौन धारण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी गई. तत्पश्चात *संविधान की उद्देशिका* का सामूहिक पाठ किया गया. बैठक का संचालन बृजेन्द्र तिवारी ने किया. बैठक को अधिवक्ता युसूफ, दिलीप उमरे, श्यामलाल साहू, देवानंद चौहान, अब्दुल अजीम, आर पी गजेंद्र, मुक्तानंद साहू, वासुकि प्रसाद उम्मत आदि लोगों ने संबोधित किया.
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संविधान व लोकतंत्र बचाने के संघर्ष का सीधा संबंध मेहनतकश वर्ग से है, क्योंकि हमारे संविधान ने मेहनतकश वर्ग के हितों की रक्षा के लिए कानूनों के प्रावधान और उनके ईमानदार अनुपालन की बात कही है, किंतु मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है मेहनतकश लोगों के हितों पर हमले तेज हुए हैं और सरकारी तंत्र व कार्पोरेट लूट को बढ़ावा मिला है। मोदी सरकार ने अपने कुछ कार्पोरेट मित्रों को लूट की खुली छूट देते हुए श्रमिकों के लंबे संघर्ष के बाद बनाए गए 39 श्रम-कानूनों को खत्म कर उसे मात्र 4 श्रम कोडों में तब्दील कर दिया है जो श्रमिक-हितों पर कुठाराघात करते हैं। वक्ताओं ने लोगों को आगाह किया कि सरकार यह सब जातीय व धार्मिक उन्माद भड़काकर कर रही है ताकि लोग अपने बुनियादी अधिकारों को भूल जाएं और हिंदुत्व के शोर में उनके तमाम अधिकारों को कुचल दिया जाए।
वस्तुत: संविधान व लोकतंत्र बचाओ आंदोलन श्रम-कानूनों की पुनर्बहाली, शोषणकारी ठेका मजदूरी प्रथा को समाप्त करने तथा मजदूर-अधिकारों को पुनः हासिल करने का संघर्ष है.
बैठक में आगे कहा गया कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण बढ़ती असमानता, भयावह बेरोजगारी, धार्मिक उन्माद, सार्वजनिक सेवाओं और जनता के अधिकारों में लगातार हो रही कटौती तथा संविधान व लोकतंत्र पर हमले भारतीय लोकतंत्र के सामने गंभीर चुनौतियां पेश कर रहे हैं.
बैठक में श्रम-अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और समानता के लिए संघर्ष को तेज करने के लिए दिल्ली में 24 से 26 फरवरी तक आयोजित ऐक्टू के राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की गई.