भिलाई महिला महाविद्यालय में माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ यूनिट द्वारा ‘बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड’ समारोह का भव्य आयोजन
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भिलाई महिला महाविद्यालय एवम् माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया (MSI), छत्तीसगढ़ यूनिट के तत्वावधान में ‘बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड’ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। जिसमे प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों से आये बायोटेक्नोलॉजी एवम माइक्रोबायोलॉजी के 49 छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथी , महाविद्यालय की प्राचार्य तथा कार्यक्रम की अध्यक्षा तथा प्राध्यापकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर ज्ञान एवं विज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती का आह्वान किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का परंपरागत रूप से प्राचार्य तथा माइक्रोबायोलॉजिकल सोसाइटी छ ग चैप्टर की अध्यक्ष ने पौधोँ द्वारा स्वागत किया गया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री भूपेंद्र कुलदीप (रजिस्ट्रार, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सूक्ष्मजीवों की दैनिक जीवन में महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सूक्ष्मजीव केवल रोग उत्पन्न करने वाले जीव नहीं हैं, बल्कि वे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, औद्योगिक उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि निर्माण और जैव प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और शोध में रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सूक्ष्मजीव विज्ञान केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि एक अनंत संभावनाओं वाला क्षेत्र है, जिसमें करियर के अनेकों अवसर उपलब्ध हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्या एवं कार्यक्रम की अध्यक्षा डॉ संध्या मदन मोहन ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत करते हुए सूक्ष्मजीवों के हमारे जीवन में उपयोगिता के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने सूक्ष्मजीवों की भूमिका को पर्यावरण, चिकित्सा, खाद्य और औद्योगिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में नए शोध करने के लिए प्रेरित किया तथा छात्रों को अनुसंधान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और कहा कि वे केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि प्रयोगशालाओं में जाकर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करें और स्वयं नए प्रयोगों को करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि माइक्रोबायोलॉजी का क्षेत्र स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए भी नए अवसर प्रदान करता है, जिससे छात्र स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
डॉ. प्रज्ञा कुलकर्णी, माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया छ ग चैप्टर की पूर्व अध्यक्ष ने MSI के निरंतर विस्तार एवं इसकी बढ़ती हुई गतिविधियों पर प्रकाश डाला और छात्रों को इस क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित किया।
माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ यूनिट की अध्यक्ष डॉ. भावना पांडेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए 2024-25 की गतिविधियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार और व्यावसायिक विकास की दिशा में प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि माइक्रोबायोलॉजी का क्षेत्र केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव कृषि, चिकित्सा, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण विज्ञान और औद्योगिक उत्पादन तक फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि भविष्य में माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा कई शोध संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्र नवीनतम वैज्ञानिक खोजों और प्रौद्योगिकी के प्रयोगों से अवगत हो सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अध्ययन और अनुसंधान के माध्यम से ही विज्ञान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी एवम बायोटेक्नोलॉजी विभाग के पायोनियर एसोसिएशन द्वारा आयोजित माइक्रोबायोलॉजी पर आधारित छह दिवसीय प्रतियोगिताओं में विजयी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं में शामिल थे
पोस्टर प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, नाटक (स्किट) प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता एवम फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता
प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया (MSI) की कॉलेज कोऑर्डिनेटर डॉ. रंजना साहू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती दिव्या पैकरा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में अन्य महाविद्यालयो एवम आयोजक महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष , प्राध्यापक तथा छात्राऐ भी उपस्थित रही। यह आयोजन विद्यार्थियों को माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लि