June 7, 2026

हाईकोर्ट ने निचली अदालत पर लगाया 1 लाख का जुर्माना, मातृत्व अवकाश का मामला

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मद्रास। मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में अपने एक फैसले में कहा है कि कोई भी नियोक्ता किसी भी महिला को मातृत्व अवकाश देने से इनकार नहीं कर सकता और इस लाभ के लिए महिला कर्मचारी से तब तक विवाह से जुड़ा सबूत नहीं मांग सकता, तब तक कि उसका विवाह उचित संदेह के घेरे में न हो। हाई कोर्ट ने अपने अधीनस्थ एक निचली अदालत यानी जिला मुंसिफ सह जूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत की इस बात के लिए आलोचना की कि जूडिशियल मजिस्ट्रेट के कार्यालय की एक सहायक को विवाह के शक के आधार पर मातृत्व अवकाश देने से रोक दिया गया था।

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