June 6, 2026

मजबूरी का फायदा उठा रही है सुशासन की सरकार

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*हजार रुपए की दर को पच्चीस हजार रुपए कर दिया पंजीयन विभाग ने*

*विष्णु का सुशासन या स्व शासन*?

भिलाई। जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के प्रवक्ता जावेद खान ने सुशासन की सरकार के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ध्यान वाणिज्यिक कर एंव पंजियन विभाग के उस आदेश की ओर इंगित करवाया है जिसके तहत अगर सब रजिस्ट्रार होम विजिट पर घर जा कर दस्तावेज का पंजीयन करता है तो पूर्व मे जो शुल्क हजार रुपए लिया जाता था उसको बढ़ा कर पच्चीस हजार रुपए कर दिया गया है जिसको देखने से यह प्रतित होता है की विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार का ये कौन सा मानवीय चेहरा है जो मजबूरी का फायदा उठा कर सरकार की जेब भर रहा है अमूमन रजिस्ट्री के लिए होम विजिट का आप्शन वही मांगेगा जो विकलांग या बिस्तर पर पड़ा हुआ मरीज़ हो ,मजबूर हो जो पंजीयन विभाग मे जा कर खड़ा हो कर हस्ताक्षर करने मे सक्षम ना हो, लेकिन विष्णु देव सरकार ने ये भी नही सोचा और मजबूरी का फायदा उठाते हुए एक हजार की दर को पच्चीस गुणा बढा कर पच्चीस हजार रुपए कर दिया इसके अलावा आवास के पंजीयन मे पंजीयन शुल्क का चार प्रतिशत लिया जाना कतई न्यायसंगत नही है पूर्व की कांग्रेस सरकार मे कलेक्टर गाइड लाइन मुल्य मे तीस प्रतिशत की कमी की गयी थी और आवास के लिए पंजीयन शुल्क दो प्रतिशत लिया जाता था वह इसलिए की सभी प्रदेशों की सरकार का मूल ध्येय आवास को प्रोत्साहित करना होता है ताकी गरीब आदमी अपना खुद का आवास ऋण ले कर बनवा सके इसलिए पंजीयन शुल्क भी कम रखा जाता था लेकिन विष्णु देव साय सरकार ने सुशासन के नाम पर यहां भी आवास धारकों को चुना लगा दिया अब गाइड लाइन मुल्य भी सौ प्रतिशत देना होता है और पंजीयन शुल्क भी चार प्रतिशत लग रहा है इतना सब होने के बाद भी भाजपा इसे सुशासन की सरकार बता रही हैं आखिर सुशासन की सरकार का ये कौन सा मानवीय चेहरा है जो बिस्तर पर पड़े मरीजों और विकलांगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए एक हज़ार की दर को पच्चीस हज़ार करना पड़ा ऐसा प्रतीत होता है की महतारी वंदन का पैसा पंजीयन विभाग के माध्यम से ही वसूला जा रहा है इस संबंध मे कांग्रेस प्रवक्ता जावेद खान ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी और स्थानीय संवेदनशील विधायक रिकेश सेन को पत्र के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर मांग की है कि जन हित में सुशासन की परिभाषा को ध्यान मे रखते हुए आवास के लिए पंजीयन शुल्क और होम विजिट की दर को कम किया जाए।