उप पंजीयक कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी पर भ्रष्टाचारियों मेहरबान समिति द्वारा हटाने की प्रस्ताव पर उन्हे ही बना रहे दोषी. .
जांजगीर चांपा / उप पंजीयक कार्यालय कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी की सहकारी समिति के भ्रष्ट कर्मचारी पर मेहरबानी का मामला ज्ञात हुआ है , जिसमे समिती द्वारा उन्हे बाहर निकालने की कार्यवाही पर उन्हें ही दोषी बनाकर फटकार लगाया जा रहा है । यह मामला जांजगीर शाखा की सहकारी समिति बोडसरा का है । यहां पदस्थ लिपिक सह कंप्यूटर आपरेटर लीलादास मानिकपुरी के ऊपर किसानों से वसूल किए गए ऋण राशि का गबन करने सहित अनेक शिकायतों के बाद उन्हे समिति द्वारा प्रस्ताव पारित कर हटाने की कार्यवाही करते हुए विभागीय अधिकारियों को अवगत कराई तथा उनके उपर लगे शिकायतों से संबंधित सबूत भी दिए गए। इस कार्यवाही के बाद समिति से हटाए गए कर्मचारी लीलादास कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन लगाकर वेतन दिलाने की मांग रखा जिस पर जांच कार्यवाही के लिए उपपंजीयक अधिकारी जांजगीर को उनका पत्र प्रेषित किया गया था । जांच करने के बजाय समिति प्रबंधक व प्राधिकृत अधिकारी पर ही चढ़ बैठे जांच अधिकारी – जांच के नाम पर उप पंजीयक कार्यालय के सीईओ द्वारा समिति प्रबंधक को सूचित किया गया जिसके बाद समिति प्रबंधक ने हटाए गए कर्मचारी के विरुद्ध लगे शिकायतों की सबूत के साथ लिखित में जांच बयान समिति के कार्यालय में दी गई जिस पर उप पंजीयक अधिकारी ने समिति प्रबंधक व प्राधिकृत अधिकारी को कार्यालय बुलाकर फटकार लगाते हुए हटाए गए कर्मचारी के खिलाफ जांच कार्यवाही न करते हुए उन्हे ही नोटिस थमा दिया गया है । धान खरीदी में राइस मिलरों की अनेक शिकायते — इस वर्ष की धान खरीदी के पहले धान खरीदी का कार्य दो वर्ष तक समिति द्वारा हटाए गए कर्मचारी लीलादास को ही दिया गया था जिसमें खरीदी कार्य सहित उठाव के समय राइसमिलरों की अनेक शिकायते सुनने को मिलता था जिसके बाद उसे वर्ष 2024-2025 की खरीदी प्रभारी भी नही बनाया गया था ।