दिमाग और दिल के लिए फायदेमंद है ये मछली, जानिए इसके चौंकाने वाले फायदें…
लाइफस्टाइल:अगर आपको मछली खाना पसंद है तो अपनी डाइट में कुछ खास मछली को शामिल करके दिल और दिगाम को हेल्दी रख सकते हैं. तंबिली मछली का सेवन आपको कई तरह की बीमारियों से बचाता है. यह मछली हार्ट की बीमारियों से बचाने के साथ-साथ याददाश्त और ब्रेन पॉवर को भी मजबूत बनाती है. ओमेगा-3 फैटी एसिड, हाई क्वालिटी प्रोटीन और विटामिन्स से भरपूर ये मछली न सिर्फ ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को कम करती है, बल्कि हार्ट हेल्थ को भी बेहतर बनाती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार इस मछली के सेवन से लकवे, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट की समस्या से बचाव किया जा सकता है. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं इस मछली से मिलने वाले फायदे.
तंबिलि मछली हर जगह नहीं मिलती. यह मछली विशेष रूप से तमिलनाडु में पाई जाती है. वहां इसे तंबिलि मीन कहते हैं. जो बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ट समुद्री मछली है. कहीं कहीं इसे नीटीपन्ना मछली भी कहते हैं. इस मछली की बनावट भी काफी अलग है. मुलायम मांस वाली, बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आने वाली तंबिलि मछली कई बीमारियों के लिए दवा के समान है.
इस मछली का मांस बहुत ही मुलायम होता है. इसी नरम स्वभाव के कारण बच्चे‑बूढ़े सभी इसे खाना पसंद करते हैं. दूसरा कारण यह भी है कि इनमें कांटे बहुत कम होते हैं. दूसरी मछलियों की तुलना में तंबिलि में केवल एक मोटा‑सा बीच में ही कांटा होता है, छोटे कांटे बहुत कम होते हैं. यही कारण है कि खाते समय कांटा फंसने का डर भी न के बराबर रहता है.
तंबिलि मछली की पीठ का हिस्सा गहरा लाल या भूरा होता है वहीं पेट सफेद होता है. इस मछली का शरीर लंबा-सा और सिर तिकोना होता है, जो देखने में सुंदर लगता है. ये मछलियां मुख्य रूप से हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और उनसे जुड़े तटीय इलाकों में पाई जाती हैं. ये हर मौसम में आसानी से मिल जाती हैं. इसलिए बाज़ार में तंबिलि मछली हमेशा उपलब्ध रहती है.
इस मछली के छिलके मोटे होते हैं, लेकिन इसके बाद भी इसे साफ करना बहुत ही आसान होता है. सामान्यतः इसे छोटी प्रजाति की मछली माना जाता है. हर मछली करीब 250 ग्राम वजन की होती है. इस मछली की लंबाई15 से 20 सेंटीमीटर के आस पास होती है. बाजाप में इसकी कीमत लगभग₹200प्रति किलो है. इसलिए इसे आम इंसान भी खरीद सकता है.
तंबिलि में ओमेगा‑3फ़ैटी ऐसिड, अमीनो ऐसिड जैसे जरूरी पोषक‑तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं. ओमेगा‑3फ़ैटी ऐसिड शरीर में चर्बी जमने से रोकते हैं और मोटापा घटाने में मदद करते हैं. इस मछली में मौजूद पोषक‑तत्व हड्डियों की क्षति (ऑस्टियोपोरोसिस) जैसी समस्याओं को कम करने में मददगार है. ज्यादा कैल्शियम होने से हड्डियां मजबूत होती हैं. यह मछली त्वचा की खुजली, एलर्जी जैसी समस्याओं को कम करने में उपयोगी है. शरीर की रोग‑प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाकर उससे जुड़ी बीमारियों से यह मछली बचाती है.