March 6, 2026

आज से शुरू होगा संसद का मॉनसून सत्र, 21 अगस्त तक चलेगा सेशन…

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नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज 21 जुलाई (सोमवार) से शुरू होने वाला है, जिसका सफर 21 अगस्त तक चलेगा. इस सत्र से पहले पहले सरकार ने आज 20 जुलाई (रविवार) को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई . इस बैठक का उद्देश्य विपक्षी दलों से संसद के सुचारू संचालन के लिए सहयोग मांगना है. इस बैठक में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, एल मुरगन और बीजेपी के कई सांसदों समेत कई दलों के नेता मौजूद रहे.

विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरा

दरअसल, 21 जुलाई (सोमवार) से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, इसी सत्र की तैयारियों को लेकर ही आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सांसद महुआ माझी ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ दोहरा रवैया अपनाने का बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खनिजों से समृद्ध होने के बावजूद, झारखंड भारत के सबसे गरीब राज्यों में से एक बन चुका है.

इन बयानों से ये माना जा रहा है कि कल से शुरू होने वाला संसद सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है. जिसका नतीजा आज रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक से ही लगाया जा सकता है. इस बैठक में कई मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी. यहां तक की विपक्षी दलों ने उनके जवाब का सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में ही देने की मांग की.

जेपी नड्डा ने की बैठक की अध्यक्षता

बैठक की अध्यक्षता राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने की.कुल 51 दलों में से 40 प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया और अपनी बात रखी. वहीं सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पक्ष रखा.

“हर बार प्रधानमंत्री को घसीटना उचित नहीं”

बता दें, सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने जम्मू कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर को रोके जाने, बिहार वोटर लिस्ट में सुधार और वक्फ बिल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम पर दिए गए विवादास्पद बयान जैसे अहम मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की. इस बैठक के बाद से केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा, “केंद्र सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है. लेकिन, यह सभी चर्चाएं संसद के नियमों के तहत होंगी.” हालांकि, संसद के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष की भी है. ‘हर बार प्रधानमंत्री को घसीटना उचित नहीं है.