March 6, 2026

Crime: कोसाबाड़ी गांव में तंत्र-मंत्र के लिए 6 साल की बच्ची की हत्या, 5 अरेस्ट…

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मुंगेली:जिले में 7 साल की मासूम के लापता होने के मामले में बलि प्रथा का कनेक्शन सामने आया है. पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बच्ची के ही रिश्तेदारों ने उसकी हत्या कर दी. ये हत्या तंत्र-मंत्र और झाड़फूंक के नाम पर हुई. पुलिस ने बच्ची के ही चचेरे भाई और उसकी पत्नी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है.

क्या है पूरा मामला:लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम कोसाबाड़ी में एक 7 साल की मासूम बच्ची महेश्वरी गोस्वामी उर्फ लाली लापता हो गई थी. घटना 11 अप्रैल 2025 की रात की है. लाली अपने घर में सो रही थी. रात करीब 1 बजे जब उसका बड़ा भाई हिमांशु बारात से लौटा तो उसने देखा कि लाली सो रही थी, लेकिन रात 2 बजे जब मां पुष्पा की नींद खुली तो लाली बिस्तर से गायब थी. परिवार और रिश्तेदारों में तलाश के बाद भी बच्ची का कोई पता नहीं चला.

करीब एक महीने बाद खोपड़ी मिली:12 अप्रैल को लाली की मां पुष्पा ने लोरमी थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. घटनास्थल का निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज की जांच और साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए. आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया. इस बीच 6 मई 2025 को कोसाबाड़ी के श्मशान से 100 मीटर दूर एक खेत में मानव खोपड़ी और अस्थियां बरामद हुईं.

DNA जांच में हुई पुष्टि:फॉरेंसिक एक्सपर्ट और कई जांच में पुष्टि हुई कि ये अवशेष 7-8 साल की बच्ची के हैं. DNA जांच भी हुई जिसमें अवशेष लाली के माता-पिता जनकगिरी और पुष्पा से मैच हुए. डॉक्टर और एक्सपर्ट की राय में इन हड्डियों पर चोट के निशान थे लिहाजा इसे हत्या के एंगल से जांच की गई.

नार्को टेस्ट तक हुआ:पुलिस ने शक के आधार पर परिवार के ही कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान बच्ची की चचेरी भाभी ऋतु गोस्वामी बार-बार बयान बदलती रही. हालांकि बच्ची की मां पुष्पा भी बयान बदल रही थी. केस इतना जटिल था कि बच्ची की मां और बच्ची की भाभी ऋतु का पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट तक हुआ.

टेस्ट में फंसी चचेरी भाभी:सभी टेस्ट के बाद बच्ची की मां का केस में कोई संबंध नहीं दिखा लेकिन बच्ची की भाभी फंस गई. जांच में पता चला कि, अंधविश्वास और तांत्रिक विधि ‘झरन पूजा’ के जरिए धन अर्जित करने की मंशा से इस घटना को अंजाम दिया गया था. यह बच्ची के बड़े पापा के बेटे यानी चचेरे भाई और उसकी पत्नी ऋतु ने की.

पैसा पाने का अंधविश्वास ले गया बच्ची की जान: दरसल, ऋतु ने एक शख्स नरेन्द्र मार्को को 500 रुपए देकर बच्ची को रात 1 बजे घर से उठवाया यानी किडनैप कराया. फिर ऋतु ने झरन पूजा के लिए लाली के कपड़े बदले और उसे काले कपड़े पहनाए. इसके बाद ऋतु का पति चिमन पूजा सामग्री लेकर आया. इसके बाद अपहरण वाली रात ही लाली की बलि देकर हत्या कर दी गई.

 

खेत में दफनाया: हत्या के बाद शव को एक शख्स आकाश मरावी की मदद से खेत में दफनाया गया. पूछताछ में सभी आरोपियों ने जुर्म कबूल किया. इसके बाद एक और शख्स रामरतन का भी नाम सामने आया जिसने झाड़फूंक करना सिखाया था उसे भी गिरफ्तार किया गया. कुल 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर इस केस का खुलासा किया.

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

चिमनगिरी गोस्वामी पिता हेमगिरी (40 वर्ष) – चचेरा भाईऋतु गोस्वामी पति चिम्मन (36 वर्ष) – चचेरी भाभीनरेन्द्र मार्को पिता शिशुपाल (21 वर्ष) – अपहरणकर्ताआकाश मरावी पिता सुरेश (21 वर्ष) – शव को गाड़ने वालारामरतन निषाद पिता जनकराम (45 वर्ष), निवासी डोंगरिया – झाड़फूंक सिखाने वाला

अंधविश्वास और पैसों की लालच में एक 7 साल की मासूम शिकार हो गई. उसे मारने वाले भी अपने ही रिश्तेदार निकले. फिलहाल पुलिस ने छुरा, काले कपड़े, पूजा सामग्री और कुछ अस्थियां भी बरामद की हैं. अब इन आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

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