March 10, 2026

एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर – झूठे वादों और खोखले समर्थन का खेल

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भिलाई। एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन ने भाजपा की ढोंगी राजनीति का सच उजागर कर दिया है। एक ओर भाजपा नेता सिर्फ अखबारों और मंचों में दिखावे का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्मचारियों की जायज़ मांगों को ठुकराकर उनकी पीड़ा पर नमक छिड़क रहे हैं।

 

भाजपा की सरकार ने 2023 चुनाव में कर्मचारियों से 27% वेतन वृद्धि, नियमितीकरण, सेवा शर्तों में सुधार और अन्य मांगों को पूरा करने का वादा किया था और चुनाव के वक्त मोदी की गारंटी जैसे लोक लुभावन नारों का उदघोष किया था लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा ने अपने सारे वादे ताक पर रख दिए और मोदी की गारंटी मात्र स्लोगन बन कर रह गया,आज हालात यह हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने एनएचएम कर्मचारी सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं और मरीज अस्पतालों में भटक रहे हैं।हाल ही मे हाईकोर्ट ने प्रदेश में स्वस्थ सुविधा की लचर होती व्यवस्था को लेकर स्वस्थ सचिव को फटकार लगाई थी लेकिन उसके बावजूद भी स्वास्थ विभाग की रीढ़ के रूप मे काम करने वाले एन एच एम कर्मियों की मांगो पर कोई सुध नही ले रहा है शासन,करोना काल में एन एच एम कर्मियों का योगदान उल्लेखनीय था जिसे भाजपा की विष्णु देव साय सरकार जानबूझकर नज़र अंदाज़ कर रही है।

यह भाजपा का असली दोहरा चरित्र है – मंच से वादे, और सत्ता में आने के बाद मुकर जाना। भाजपा के नेता सिर्फ फोटो खिंचवाने और बयानबाज़ी करने में माहिर हैं, लेकिन कर्मचारियों और आम जनता की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।

 

कांग्रेस पार्टी स्पष्ट शब्दों में कहना चाहती है कि भाजपा सरकार कर्मचारियों की पीड़ा से नहीं, बल्की सत्ता की राजनीति से प्रेरित होकर काम कर रही है। जनता और कर्मचारी अब इस छलावे को बखूबी पहचान चुके हैं।

 

जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई मांग करती है कि भाजपा सरकार तुरंत एनएचएम कर्मचारियों की सभी जायज़ मांगें पूरी करे, अन्यथा कांग्रेस पार्टी आंदोलन की राह पर कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी और भाजपा की वादाखिलाफी को घर-घर तक पहुँचाएगी।

 

 

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