March 9, 2026

भिलाई इस्पात संयंत्र ,भिलाई को दो अरब के संपत्ति करके भुगतान के जारी नोटिस पर भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन भिलाई इस्पात संयंत्र नगर सेवा विभाग एवं विधि विभाग के अधिकारियों की लापरवाही…

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नगर पालिक निगम भिलाई के द्वारा ,भिलाई इस्पात संयंत्र ,भिलाई को दो अरब के संपत्ति करके भुगतान के जारी नोटिस पर भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन भिलाई इस्पात संयंत्र नगर सेवा विभाग एवं विधि विभाग के अधिकारियों की लापरवाही, का यह दुषपरिणाम यहां भिलाई इस्पात संयंत्र की कार्यशैली को कलंकित रहा है वही, दूसरी ओर उच्च न्यायालय में अधिवक्ताओं की फौज खड़ी करके केंद्र शासन को भारी भरकम राशि का नुकसान पहुंचा रहा है चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि संपत्ति कर का यह प्रकरण पिछले 20-25 वर्षों से केंद्र और राज्य सरकार की ऐजेसियो के मध्य घूम रहा जहां भिलाई इस्पात संयंत्र के निक्कमे अधिकारी ,,

प्रकरण को सुलझाने के बजाय और ज्यादा उलझाने में दिलचस्पी रखते हैं ताकि ,इसकी आड़ में लाखों रुपए भ्रष्टाचार से कमाया जा सके ,इस पूरे प्रकरण पर भिलाई इस्पात संयंत्र के विजिलेंस विभाग को ध्यान देना चाहिए और ,इस बात की जांच करनी चाहिए कि पिछले 20-25 वर्षों में भिलाई इस्पात संयंत्र के विधि विभाग ने इस विषय पर कानूनी दाव पेच में कितनी राशि खर्च कर डाली ,क्योंकि राशि का भुगतान तो भिलाई इस्पात संयंत्र के खाते से होता है इन अधिकारियों के लापरवाही का परिणाम केंद्र शासन क्यों भुगत रहा है इस प्रकरण का निराकरण राज्य सरकार ,के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठकर सुलझाने की दिशा में दिलचस्पी क्यों नहीं लेता ।

 

ज्ञानचंद जैन अधिशासी निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन पर भी यह आरोप लगाते हुए कहा है ,पिछले तीन-चार वर्षो में नगर सेवा विभाग में जिन अधिकारियों को पदांकित किया जा रहा है यह सभी अधिकारी सुबह 9:00 बजे ड्यूटी पर आना मीटिंग ईटिंग और सीटिंग पर समय बिताना ,और समय पर अपने घर को लौट जाना सिर्फ यही कार्य इस विभाग में रह गया है विभाग के निगम में अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए और उनके स्थान पर टाउनशिप में सेवा देने वाले अधिकारियों को पदांकित किया जाना चाहिए । ,भिलाई और रिसाली निगम के के प्रकरण को गंभीरता पूर्वक सुलझाया जाने की दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र के नवनियुक्त मुख्य डायरेक्टर इंचार्ज को गंभीर होकर तत्वरित कार्यवाही करनी चाहिए ।ताकि केंद्र राज्य सरकार की दोनों एजेंसियों के मध्य एक अच्छे वातावरण का निर्माण हो और देश की आर्थिक रीड कहे जाने वाले भिलाई इस्पात संयंत्र को कलंकित होने से बचाया जा सके ।