अफगानिस्तान में फिर कांपी धरती, रात 10:55 बजे आया 5.0 तीव्रता का भूकंप…
काबुल: अफगानिस्तान में दोबारा भूकंप आया. मंगलवार को दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में 5.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. जिससे और अधिक क्षति और विनाश की आशंका पैदा हो गई है. दो दिन पहले इसी क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप में 1,400 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हुए.
ताजा भूकंप का केंद्र नंगरहार प्रांत के जलालाबाद से लगभग 34 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था. रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप उन्हीं इलाकों में महसूस किया गया जो पहले भूकंप से कुनार (प्रांत) में प्रभावित हुए थे.”
रविवार आधी रात को दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में 6 तीव्रता का भूकंप आया था, जो अफगानिस्तान में वर्षों में आए सबसे भीषण भूकंपों में से एक था, जिसने दूरदराज के गांवों में घरों को तहस-नहस कर दिया.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को भूकंप के झटके के बाद अफरा-तफरी मच गई और बचाव कार्य रुक गए क्योंकि इससे पहाड़ों से चट्टानें खिसकने लगीं, सड़कें और भी कट गईं और मलबे में खुदाई करना खतरनाक हो गया. बचाव अभियान में लगे लोगों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि और लोग घायल हुए हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है. दुर्गम इलाका होने के कारण अलग-थलग पड़े गांवों में राहत प्रयासों में बाधा आ रही है.
भारत ने 21 टन राहत सामग्री भेजी
वहीं, भूकंप से बुरी तरह प्रभावित अफगानिस्तान की मदद के लिए 21 टन राहत सामग्री भेजी है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत की तरफ से भूकंप सहायता हवाई मार्ग से काबुल पहुंच गई है. कंबल, टेंट, स्वच्छता किट, जल भंडारण टैंक, जनरेटर, रसोई के बर्तन, पोर्टेबल वाटर प्यूरीफायर, स्लीपिंग बैग, आवश्यक दवाइयां, व्हीलचेयर, हैंड सैनिटाइजर, जल शोधन गोलियां, ओआरएस घोल और चिकित्सा उपभोग्य सामग्रियों सहित 21 टन राहत सामग्री आज हवाई मार्ग से पहुंचाई गई. भारत जमीनी हालात पर नजर रखना जारी रखेगा और आने वाले दिनों में और मानवीय सहायता भेजेगा.”
रॉयटर्स के मुताबिक, रविवार को आए भूकंप से ज्यादातर घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए और स्थानीय लोग अभी भी लोगों की तलाश में मलबे में खुदाई कर रहे थे. बहुत से लोग अभी भी फंसे हुए थे. निवासियों के अनुसार, ताजा भूकंप में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घर भी नष्ट हो गए.
तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि अब तक कम से कम 1,411 लोगों के मारे जाने, 3,124 के घायल होने और 5,400 से ज्यादा घर तबाह होने की खबर है. अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र समन्वयक ने कहा कि मृतकों की संख्या में और वृद्धि होनी तय है.
सहायता समूह सेव द चिल्ड्रन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल आपातकालीन धनराशि जारी करने का आह्वान किया है. समूह ने कहा कि भूकंप ने स्वच्छ जल के स्रोतों को बाधित कर दिया है, जिससे बीमारियों का डर बढ़ गया है और भोजन की उपलब्धता सीमित हो गई है.
अफगानिस्तान में शक्तिशाली भूकंप आने की आशंका रहती है, खासकर हिंदु कुश पर्वत श्रृंखला में, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं.