June 7, 2026

सरकारी जमीनों की खरीदी-बिक्री पर अब नहीं चलेगा खेल, फर्जी सौदों पर होगी कठोर कार्यवाही : कलेक्टर

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गोपी कश्यप / नगरी।नगरी क्षेत्र में सरकारी और मुआवजा प्राप्त जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त पर जिला प्रशासन ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन या मुआवजा दी गई भूमि के फर्जी सौदों में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में तत्काल कानूनी कार्यवाही की जाएगी उक्त बातें धमतरीं जिलाधीश ने गुरुवार को नगरी तहसील क्षेत्र से जिला कार्यलय पहुंचे सामजिकजनों और पत्रकारों द्वारा नगरी क्षेत्र में धड़ल्ले और खुले आम हो रही जमीन की अवैध बिक्रियों और अवैध निर्माण की पुख्ता जानकारी देने के बाद चर्चा के दौरान आश्वश्त करते हुए कही।

कलेक्टर ने उपपंजीयक और एसडीएम नगरी को इस सम्बंध में निर्देशित करने की बात कही है कि संदिग्ध रजिस्ट्रियों की तुरंत जांच की जाए और जहां भी धोखाधड़ी या गड़बड़ी पाई जाए, उन सौदों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अब बिना गहन जांच-पड़ताल के किसी भी विवादित भूमि की रजिस्ट्री संभव नहीं होगी।

 

ज्ञात हो कि सिंचाई विभाग ने वर्ष 1991–92 में नहर-नालियों के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भूमि मालिकों को दे दिया था। बावजूद इसके कुछ भू-माफिया उन्हीं जमीनों को अपनी बताकर भोले-भाले खरीदारों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। कई मामलों में एक ही भूखंड को कई लोगों को बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

 

नहर किनारे अवैध निर्माण और नकली सौदों का यह सिलसिला न केवल सरकारी राजस्व को चूना लगा रहा है बल्कि आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई को भी डुबो रहा है। खरीदारों के बीच विवाद की स्थिति गंभीर होती जा रही है।

 

पत्रकारों और समाजसेवियों द्वारा मामले की जानकारी दिए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर ने खुद संज्ञान लेते हुए कड़ा संदेश दिया। उन्होंने दो टूक कहा— “भू-माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब यह खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा।”

 

स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि ऐसे मामलों में तुरंत और कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि नगरी क्षेत्र में भूमि संबंधी अव्यवस्था पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जा सके।

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