केंद्रीय जेल के महिला बंदिनी प्रकोष्ठ मैं माताजी …
दुर्ग ।केंद्रीय जेल दुर्ग मेंआज विजयदशमी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर
आज परम पूज्य 105 दुर्लभमति माताजी सानिध्य विजयदशमी के शुभअवसर पर महिला बंदीगिरी में मंगल प्रवचन हुआ ।

. पूज्य माताजी ने महिला बंदी बहनों से अपने अमृत वचन में कहा कि आप सभी वचन को दिलाते हुए कहा कि आप प्रतिदिन अपने जीवन में
उत्तम क्षमा,, सबसे क्षमा,, और सबको क्षमा सबसे क्षमा यही उत्तम क्षमा

इसका संकल्प कराया. और प्रतिदिन इसका स्मरण करने को कहा
रुक्मणी गौशाला में समाज के भक्तों ने गौ माता को माता जी .ने मंगल आशीर्वाद और सानिध्य में पूज्य माताजी ने महामंत्र का पाठ मंत्र समस्त गौ वंश को सुनते हुए सभी के मंगल स्वास्थ्य की कामना की इस अवसर पर उपस्थित भक्तों ने गौ माता को फल फ्रूट, और घास,चारा, वितरण किया कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती सुनीता संजय बहरा ने बताया इस पूरे कार्यक्रम में केंद्रीय जेल प्रशासन अधीक्षक मनीष सर जी का और स्टाफ का आज अवकाश दिवस विजयदशमी दिवस पर प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर स्थानीय समाज के प्रमुख लोगों में रमेश बाकलीवाल, इंजीनियर वी के जैन, नवीन जैन, अजीतजैन, सुशील पाटनी, सुनील गंगवाल,प्रदीप बाकलीवाल ,संजय बोहरा,संगीत बाकलीवाल सुशिल पाटनी,अक्षय जैन,पूज्य. इंदर चंद जैन , स्नेहिल जैन , प्रदीप जैन बाकलीवाल ,अशोक बाकलीवाल ,चेतन जैन ,महावीर जैन आदि इस अवसर पर उपस्थित थे
दुर्गा नगर गौरव मति माताजी ने
ने बंदीग्रह में अपने प्रवचन में कहा कि आप सभी किसी कारणवश गलतियों से यहां पर आए हो आज आपसे मिलकर मुझे प्रसन्नता हुई आप सभी अपने जीवन में ईमानदारी से नेक कार्य करें . ।
गलती की कोई बात नहीं लेकिन अपनी गलतियों का अपने अपराधों की क्षमा मांगते हुए भगवान से क्षमा मांगे ,,करते रहें उन गलतियों को दूर करके एक नेक इंसान बन सकते हैं।
क्षमा जीवन को बदल सकता है जो हो गया है अब आप नहीं ऊर्जा नहीं उत्साह से अपने पूर्व जन्म के कर्म की परिणिति मानकर या हमारे कर्मों के चलते ऐसा हुआ है।
इसे स्वीकार करते हुए एक अच्छे नागरिक बनकर आप अपनी सजा पूरी कर अपना शेष जीवन दीपक की तरह प्रकाशमान होकर जीना है ऐसा आशीर्वाद आप सबको देता हूं।
हमारे जीवन में आया हुआ समय भी निकल जाएगा आज जो है वह कल नहीं रहेगा चला जाएगा आप बहनों को अपना जीवन नह सबल बनकर जीना है।
और इस कठिन समय में आप अपने इष्ट देवता, धर्म ध्यान ,पूजा व्रत को निरंतर अपने जीवन का अंग मानकर इसे स्वीकार करें कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुनीता संजय बोहरा ने किया आभार प्रदर्शन स्थानी जेल अधिकारी श्रीमती रश्मि मैडम ने किया और महिला बंदी बहनों की तरफ से समाज के प्रति अपना आभार साधुवाद के रूप में दिया।
और कहा आज दशहरा पर्व पर
इस शुभ दिवस अवसर पर संतो को अपने बीच में प्रकार महिला बंदी बहने बहुत खुश है ।
इस अवसर पर समाज के द्व आपके उज्जवल मंगल की स्वास्थ्य लाभ की कामना की और और फल वितरण आपके बीच में आप सभी को प्रसादी के रूप में प्रदान किया गया।