March 9, 2026

तेरहवीं नेशनल गतका चैम्पियनशिप 2025 का सेक्टर-6 में हुआ रंगारंग आगाज…

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  • राष्ट्रीय अध्यक्ष गरेवाल ने एशिया गतका टीम में कार्यकारिणी सदस्य के रुप में इंद्रजीत को किया शामिल,नेशनल गतका टीम में ज्वाइन सेक्रेट्ररी की जवाबदारी जसवंत सिंह खालसा को सौंपी

भिलाई। नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा तेरहवीं नेशनल गतका चेम्पियनशिप 2025 का आयोजन 10,11 व 12 अक्टूबर को न्यू गतका स्पोर्टस एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के सौजन्य से आज गुरुनानक स्कूल सेक्टर-6 में नेशनल गतका चैम्पियनशिप का रंगारंग शुभारंभ अतिथियों की मौजूदगी में हुआ। 12 राज्यों से 5सौ से अधिक गतका पुरुष एवं महिला खिलाड़ी शामिल होने पहुंचे है।

छत्तीसगढ़ के 15 जिलों के खिलाड़ी भी भाग ले रहे है। आए खिलाड़ियों ने उपस्थित अतिथियों के सामने अपने गतका खेल का प्रदर्शन भी किया। आए अतिथियों को इंद्रजीत ने अपने हाथों से प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया। जिनमें प्रमुख रुप से दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय, छत्तीसगढ़ सिक्ख पंचायत के अध्यक्ष जसबीर सिंह चहल, महासचिव गुरनाम सिंग, न्यू गतका स्पोर्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू,नेशनल गतका एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजीत सिंघ गरेवाल, मलकीत सिंग लल्लू, जसवंत सिंग खालसा, सेक्टर-6 गुरुद्वारा के प्रधान गुरदेव सिंग, पृथ्वी पाल सिंग, निर्मल सिंग, रोहणी कौर, परविंदर सिंह रंधावा, बलवंत सिंग, कुलवंत सिंग,समाजसेवी के.एस. बेदी, सूच्चा सिंग, जसबीर सिंग सैनी, इंद्रजीत सिंग चांवला सहित सिक्ख समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

सांसद विजय बघेल ने इस आयोजन पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश के कोने-कोने से आए खिलाड़ियों का मै अपने लोकसभा क्षेत्र में सभी का स्वागत करता हूं। गतका खेल पंजाब राज्य का काफी पुराना खेल है और इसे देखने में काफी रोचक लगता है। मै स्वयं भी एक खिलाड़ी रहा हूं। कबड्डी मेरा खेल रहा है। मै हरियाणा, रोहतक, पंजाब, मध्यप्रदेश में कबडडी खेल को खेला और तीन बार नेशनल एवार्ड जीते। खेलो इंडिया में गतका खेल को शामिल किया गया है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि तमाम राज्यों के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना है और उन्हे राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना है। प्रधानमंत्री की सोच के अनुरुप सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। गांव-गांव में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हम यह काम कर रहे है। जिसका समापन 25 दिसंबर को होगा। खेल से हिट व फीट दोनों दिखेंगे। इसलिए खेल बहुत जरुरी है। मैने सन् 1983 में स्वर्ण पदक भी लाया। गतका खतरों से खेलने वाला खेल है। इसमें जोश है, उमंग है और स्कील है। यह अच्छा खेल है। इसे सभी खिलाड़ियों को खेलना चाहिए।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि लघु भारत कहलाने वाले इस भिलाई में नेशनल गतका का यह आयोजन की मेजबानी का अवसर भिलाई को मिला है। जिसकी जवाबदेही इंद्रजीत सिंह छोटू द्वारा ली गई है। निश्चित रुप से वे और उनकी टीम बधाई के पात्र है। देशभर से आए गतका के खिलाड़ी, कोच यहां गतका जो प्रदर्शन करेंगे, उसका सभी खिलाड़ी एवं दर्शक लाभ लें। बीएसपी का लोहा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना व पहचाना जाता है। दुनिया में यहां का लोहा उपयोग हो रहा है। उसी तरह भिलाई की प्रतिभाएं देश व विदेश में जानी-पहचानी जाती है। चाहे वह सर्विस,स्पोर्टस और एजुकेशन के सेक्टर में प्रतिभाओं का एक अलग स्थान है। 12 राज्यों से यहां खिलाड़ी आए है और उसकी आवभगत करने का जिम्मा भिलाई को मिला है। इंद्रजीत उसे बखूबी निभाएंगे। अभी स्पोर्टस खेलने वाले खिलाड़ी भी नवाब बन गए है। देश के प्रधानमंत्री ने गतका को खेलो इंडिया व नेशनल खेलों में शामिल किया है जो प्रशंसनीय है। मै राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गरेवाल के बातों से प्रभावित हुआ। कि उन्होने स्पष्ट कहा है कि जज जो भी निर्णय खिलाड़ियों के पक्ष में करें वे पूरी सच्चाई के साथ अपना रिजल्ट घोषित करें, ना कि सोर्स-सिफारिश या टेलीफोन करके ना करें। ऐसे में खिलाड़ी कुंठित होता है और उसका मनोबल गिरता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा को यहां दिखाएंगे।

हरजीत सिंघ गरेवाल ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ गतका एसोसिएशन के द्वारा भिलाई के इस सेक्टर-6 में बड़ा प्रोग्राम इंद्रजीत सिंह छोटू के द्वारा कराया जा रहा है। वह काबिले तारीफ है। यहां खिलाड़ी गतका का प्रदर्शन करेंगे। 6सौ वर्ष पुराना यह खेल है। पुरातन खेल है। मास्कों में भी गतका खेल को खेला जाएगा। मै सभी खिलाड़ियों से कहूंगा कि वे लगातार गतका खेल से जुड़े रहे और अच्छा खेलें। आज मै घोषणा करता हूं कि एशिया गतका टीम में कार्यसमिति मेंबर के रुप में इंद्रजीत सिंह छोटू को हम शामिल किए और नेशनल गतका टीम में ज्वाइन सेक्रेट्ररी के पद पर जसवंत सिंह खालसा की नियुक्ति की घोषणा मंच से की गई। इंद्रजीत सिंह के कार्यो के सोशल मिडिया पर मै अक्सर देखता था और यहां आकर भी लोगों से सुना, देखा और समझा कि वे समाजसेवा के क्षेत्र में सिक्ख समाज के अलावा खिलाड़ियों को मेडल लाने वाले लोगों व जरुरतमंद लोगों के लिए वे आगे रहते है। स्कालरशीप खिलाड़ियों को कीट प्रदान करने में अह्म योगदान है। जो लोग नेशनल में पहुंचेंगे। उन गतका खिलाड़ियों को विदेश जाने का अवसर मिलेगा। जो फरवरी माह में उन्हे ले जाया जाएगा। इंद्रजीत सिंह ने कहा कि नेशनल टीम में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को भी स्कालरशीप एवं नगद पुरुस्कार से सम्मानित किया जाएगा। आज यहां आंध्रप्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, उत्तराखंड,छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य प्रांतो के खिलाड़ी यहां आए हुए है। मैं सभी जजों से अपील करता हूं कि वे खेल रहे गतका खिलाड़ियों के प्रतिभाओं के साथ पक्षपात ना करें, किसी के सोर्स सिफारिश से उत्कृष्ट खिलाड़ी की मेहनत पर पानी ना फेरें। इस गेम को शुरु करने से पहले गुरु महराज को याद कर सच्चे मन से इस खेल की शुरुवात करें।

कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत सिंह ने कहा कि तेरहवीं नेशनल गतका चैम्पियनशिप आज से तीन दिवसीय सेक्टर-6 गुरुनानक स्कूल में शुरु हो गई है। सिक्ख समाज का ये पुरातन खेल है, लेकिन इसे अब हर समाज के युवा खिलाड़ी खासकर छोटी बच्चियां भी इस खेल में रुचि ले रही है। इसमें दो लोग गतका का प्रदर्शन करते है। रोको-टोको के तहत यह खेल खेला जाता है। एक व्यक्ति वार करता है और दूसरा व्यक्ति वार को रोकता है। खिलाड़ी नेशनल स्तर पर खेल रहे है, और हम चाहते है कि ओलंपिक व एशियाई खेलों में भी गतका का प्रदर्शन में खिलाड़ी आगे आए। 12 राज्यों से आए 5सौ से अधिक खिलाड़ियों का मै स्वागत करता हूं। एसबीएस अस्पताल के डॉक्टरों व नर्सो की पूरी टीम तीन दिनों तक नि:शुल्क अपनी सेवा दे रही है। जिस खिलाड़ी को चोंट लगे, थकान लगे,घबराहट लगे वे तुरंत डॉक्टरों से संपर्क कर सकता है। आत्मरक्षा का यह खेल है। इसमें आप अपनी और समाज के लोगों की भी सुरक्षा कर सकते है। हमारे गुरुओं के द्वारा दिया गया ये गतका खेल आज नेशनल स्तर खेलों इंडिया, फिट इंडिया, स्कूलों, यूनिर्वसिटी तक जा पहुंचा है और लगातार खिलाड़ियों की रूचि गतका के प्रति बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ के 15 जिलों के गतका खिलाड़ी शामिल होने पहुंचे है। कार्यक्रम का संचालन कल्पना स्वामी खेल अधिकारी के द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन जसवंत सिंह खालसा के द्वारा किया गया।