March 6, 2026

Kharmas 2025: थम गईं शहनाई… आज शुक्र अस्त, 16 दिसंबर से खरमास शुरू; एक महीने बाद शुरू होंगे शुभ कार्य…

kharmas-2025-1

Kharmas 2025: थम गईं शहनाई… आज शुक्र अस्त, 16 दिसंबर से खरमास शुरू; एक महीने बाद शुरू होंगे शुभ कार्य

गोला गोकर्णनाथ के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री के मुताबिक 11 दिसंबर को शुक्र अस्त होंगे। 16 दिसंबर को सूर्य शुक्र से धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसी के साथ खरमास लग जाएगा। हिंदू परंपरा के अनुसार खरमास में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।

देवोत्थान एकादशी से शुरू हुई शहनाई की गूंज पर अब विराम लग गया है। 11 दिसंबर को शुक्र अस्त होंगे और 16 दिसंबर को सूर्य शुक्र से धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसकी के साथ खरमास की शुरुआत हो जाएगी। मांगलिक कार्य पूर्ण रूप से बंद हो जाएंगे। एक माह तक शहनाई की गूंज नहीं गूजेंगी 15 जनवरी बृहस्पतिवार सुबह 06.05 बजे खरमास समाप्त होगा।

लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि हिंदू परंपरा के अनुसार खरमास में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। खरमास में मांगलिक कार्य करना अशुभ माना जाता है। विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नींव पूजन सहित विभिन्न कार्य खरमास में वर्जित होते हैं। बृहस्पति और शुक्र के अस्त होने पर मांगलिक कार्य एकदम बंद हो जाते हैं। बताया कि एक नवंबर को देवउठानी एकादशी से मांगलिक कार्यों की शुरुआत हुई थी। चार दिसंबर तक विवाहों के अच्छे मुहूर्त थे। अब मुहूर्त नहीं हैं। 16 दिसंबर मंगलवार को 1.24 बजे से खरमास शुरू हो रहा है।

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जब सूर्य धनु में प्रवेश करते हैं तो खरमास शुरू होता है। नए साल में 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ खरमास समाप्त हो जाएगा, लेकिन जनवरी में शुक्र उदय नहीं हो रहे हैं। इसके कारण विवाह का मुहूर्त फरवरी के पहले सप्ताह में है। बृहस्पति, शुक्र उदय होने के बाद ही विवाह के मुहूर्त बनते हैं।