गरियाबंद जिले में टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए पहली बार एक विशेष “रोगी सहायता समूह बैठक (Patient Support Group)” आयोजित की जा रही…
गरियाबंद जिले में टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए पहली बार एक विशेष “रोगी सहायता समूह बैठक (Patient Support Group)” आयोजित की जा रही है। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम दिनांक 17 दिसंबर 2025 को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में, जिला स्वास्थ्य समिति, UNICEF छत्तीसगढ़ और MCCR के तकनीकी सहयोग से जिला चिकित्सालय में सुबह 10 बजे से किया जाएगा।
इस बैठक का उद्देश्य टाइप-1 डायबिटीज (बाल है मधुमेह) से जूझ रहे बच्चों और उनके अभिभावकों को सही जानकारी, नियमित उपचार, इंसुलिन प्रबंधन, खानपान, स्कूल में देखभाल, मानसिक–भावनात्मक सहयोग तथा दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में मार्गदर्शन देना है।
बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ यू एस नवरत्न गरियाबंद, यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में तथा डॉ लक्ष्मीकांत जांगड़े , श्री गणपत कुमार नायक व डॉ शंकर पटेल के समन्वय से किया जाएगा, जिसमें गैर संचारी रोग सेल के अधिकारी गण, यूनिसेफ है एमसीसीआर प्रतिनिधि तथा विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहेंगे
भारत में टाइप-1 डायबिटीज के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहाँ बच्चे तेजी से इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। समय पर पहचान, नियमित उपचार और उचित जागरूकता की कमी अक्सर बच्चों के लिए चुनौती बन जाती है। ऐसे में गरियाबंद जिले में पहली बार आयोजित यह बैठक परिवारों के लिए एक बड़ा समर्थन और आवश्यक अवसर प्रदान करेगी।
जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी प्रभावित परिवारों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों ताकि वे उपचार, देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कर सकें और अपने बच्चों के जीवन को सुरक्षित बना सकें।