March 9, 2026

कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस की मेजबानी करेगा भारत, PM मोदी करेंगे उद्घाटन- ओम बिरला

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  • लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने साफ किया है कि 1 फरवरी को ही बजट पेश होगा, चाहे दिन रविवार ही क्यों न हो. उन्होंने कहा है कि ई-सिगरेट विवाद की जांच जारी है और संसद की मर्यादा तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय है और साथ ही 16 साल बाद भारत में राष्ट्रमंडल स्पीकर सम्मेलन होने जा रहा है. राष्ट्रमंडल स्पीकर सम्मेलन को लेकर ओम बिड़ला ने साफ किया है कि पाकिस्तान का कोई भी सांसद इस सम्मेलन में भाग नहीं लेगा.

नई दिल्ली:  ई-सिगरेट के संसद में इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवाल पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने बता दिया कि इस मामले की जांच अभी तक कहां पहुंची है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संसद की मर्यादा के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है, जो भी संसद की गरिमा का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पुराने संसद भवन को लेकर उन्होंने बताया कि अलग-अलग विशेषज्ञों से राय मांगी गई है. सभी इनपुट आने के बाद लोकसभा स्पीकर की अध्यक्षता में बैठक होगी और आगे का फैसला लिया जाएगा. ओम बिड़ला ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रमंडल सम्मेलन में संसद में AI के इस्तेमाल पर खास चर्चा होगी. AI का उपयोग किस तरह से जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ किया जाए, जवाबदेही कैसे तय हो और सही संतुलन कैसे बनाए रखा जाए, इन सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया.

 

ई-सिगरेट जांच से लेकर संडे बजट तक ओम बिरला ने हर सवाल पर दिया जवाब

ई-सिगरेट के संसद में इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवाल पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला क्या बोले फाइल फोटो

 

राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर की मेजबानी

16 साल बाद एक बार फिर भारत को राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर सम्मेलन की मेजबानी का मौका मिला है. लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने बताया कि यह सम्मेलन लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, संसदीय व्यवस्था को बेहतर बनाने और नए नवाचारों को साझा करने का एक अहम मंच है. उन्होंने बताया कि इस संस्था की शुरुआत 1969 में कनाडा के स्पीकर की पहल पर हुई थी. इसका उद्देश्य राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकरों और अध्यक्षों को एक मंच पर लाकर संसदीय लोकतंत्र की समझ बढ़ाना, अच्छे प्रयोगों को साझा करना और संसद को जनता के और करीब लाना है.

 

1- सवाल: क्या 1 फरवरी को बजट पेश होगा, भले ही रविवार हो?

 

जवाब (ओम बिरला, लोकसभा स्पीकर): बिल्कुल 1 फरवरी को ही बजट पेश किया जाएगा, भले ही वह दिन रविवार क्यों न हो?

 

2- सवाल: संसद में ई-सिगरेट इस्तेमाल के मामले की जांच कहां तक पहुंची?

 

जवाब: ई-सिगरेट को लेकर जांच जारी है और जल्द ही पूरी हो जाएगी. इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.

3- सवाल: क्या संसद की मर्यादा तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी?

जवाब: किसी को भी संसद की मर्यादा के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है, जो भी संसद की गरिमा का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होगी.

4- सवाल: पुराने संसद भवन को लेकर क्या फैसला हुआ है?

जवाब: पुराने संसद भवन को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञों से राय मांगी गई है. सभी इनपुट आने के बाद लोकसभा स्पीकर की अध्यक्षता में बैठक होगी और आगे का फैसला लिया जाएगा.

संसद AI के इस्तेमाल को लेकर होगी चर्चा

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत ने इससे पहले साल 1971, 1986 और 2010 में इस सम्मेलन की मेजबानी की थी. अब 16 साल बाद एक बार फिर यह सम्मेलन संसद परिसर में आयोजित किया जा रहा है. 14 तारीख को सम्मेलन की कार्यकारी परिषद की बैठक होगी, जिसमें 15 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. 15 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. इस सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. इनमें संसद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल, संसदीय कामकाज में नए नवाचार, सोशल मीडिया के जरिए सांसदों का जनता से जुड़ाव, चुनाव के बाद भी लोगों से संपर्क बनाए रखने की भूमिका, सांसदों और संसदीय कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण जैसे विषय शामिल हैं. इसके साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाने पर भी मंथन होगा.

पाकिस्तान सम्मेलन का नहीं होगा हिस्सा

लोकसभा स्पीकर ने साफ किया कि इस सम्मेलन में पाकिस्तान हिस्सा नहीं ले रहा है. वहीं बांग्लादेश में इस समय संसद नहीं है, इसलिए वहां से किसी प्रतिनिधि के आने का सवाल ही नहीं है. उन्होंने बताया कि कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई अहम देश इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. ओम बिड़ला ने कहा कि इस तरह के सम्मेलनों से देशों की संसदों के बीच आपसी समझ बढ़ती है और सांसदों के बीच दोस्ताना रिश्ते मजबूत होते हैं.

इससे भारतीय संसद के सदस्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों और संस्थानों से जुड़ पाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि संसद को डिजिटल बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है. जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए संसद की कार्यवाही का डिजिटल लाइव प्रसारण किया जा रहा है, ताकि आम लोग सीधे देख सकें कि संसद में क्या चर्चा हो रही है.

 

 

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