बाबा साहेब सेवा संस्था, कोंडागांव द्वारा जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती इतने सम्मानपूर्वक मनाई गई…
कोंडागांव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जैसे क्षेत्रों में महापुरुषों की विरासत को याद रखना समाज के लिए प्रेरणादायक है।कर्पूरी ठाकुर जी मात्र एक राजनेता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन शोषितों, पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के प्रमुख योगदान जयंती के अवसर पर उनके जिन कार्यों को याद किया गया, उनमें से कुछ मुख्य बिंदु यहाँ दिए गए हैं:पिछड़ों को आरक्षण (मुंगेरीलाल आयोग): उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री रहते हुए पिछड़ों के लिए आरक्षण लागू किया, जिसे बाद में मंडल आयोग के आधार के रूप में देखा गया।शिक्षा में सुधार: उन्होंने गरीब बच्चों के लिए मैट्रिक तक की शिक्षा मुफ्त की और भाषा की बाधा को दूर करने के लिए अंग्रेजी की अनिवार्यता को समाप्त किया।भूमि सुधार: किसानों के हित में उन्होंने अलाभकारी जोत पर मालगुजारी (लगान) खत्म कर दी थी।सादगी भरा जीवन: ‘जननायक’ कहलाने वाले इस नेता की ईमानदारी और सादगी ऐसी थी कि मुख्यमंत्री रहने के बाद भी उनके पास अपना निजी घर तक नहीं था।सामाजिक चेतना का प्रतीक
बाबा साहेब सेवा संस्था द्वारा इस तरह के आयोजन यह दर्शाते हैं कि डॉ. अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर जी के विचार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं—समतामूलक समाज का निर्माण।
क्या आप इस कार्यक्रम की कुछ विशेष तस्वीरें या संस्था द्वारा साझा किए गए किसी विशिष्ट भाषण के मुख्य अंशों के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे? इस अवसर पर संस्था के संरक्षक तिलक पांडे, प्रमोद भारती,अध्यक्ष भुवन लाल मार्कंडेय मार्कंडेय, मुकेश मार्कंडेय, हितेंद्र श्रीवास, ओमप्रकाश नाग, रमेश पोयाम , देवानंद चौरे, वह संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे।