उम्र बढ़ने के साथ क्यों सफेद होते हैं बाल, क्या रोका जा सकता है यह प्रोसेस?
Ageing And Grey Hair: उम्र के साथ ही बाल सफेद होने लगते हैं, ऐसे में सवाल आता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है. चलिए आपको इसका कारण बताते हैं और ये भी बताते हैं कि क्या इसको रोका जा सकता है.
उम्र बढ़ने के साथ क्यों सफेद होते हैं बाल, क्या रोका जा सकता है यह प्रोसेस?
बाल सफेद क्यों होता है?
Why Hair Turns Grey With Age: उम्र बढ़ने के साथ बालों का सफेद होना एक नेचुरल प्रक्रिया है. जैसे-जैसे शरीर के बाकी अंग उम्र के असर में आते हैं, वैसे ही बाल भी एजिंग से गुजरते हैं. स्किन स्पेशलिस्ट्स के मुताबिक, बालों का रंग तय करने वाली सेल्स समय के साथ कमजोर होने लगती हैं, जिससे बाल धीरे-धीरे अपना नेचुरल रंग खो देते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि क्या इसको रोका जाता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डर्मेटोलॉजिस्ट्स बताते हैं कि ज्यादातर लोगों में 30 या 40 की उम्र के बाद सफेद बाल दिखने लगते हैं. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह होती है मेलानोसाइट स्टेम सेल्स का कमजोर पड़ना. ये वही सेल्स होती हैं, जो बालों में मेलानिन पिगमेंट पहुंचाकर उन्हें काला, भूरा या सुनहरा रंग देती हैं. जब ये कोशिकाएं ठीक से काम करना बंद कर देती हैं, तो बाल सफेद या ग्रे होने लगते हैं.
इस पूरी प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में सेल्युलर सेंसेंस कहा जाता है. इसमें बाल धीरे-धीरे पिगमेंट बनाना कम कर देते हैं. यही वजह है कि पहले जो बाल काले या भूरे होते थे, वे समय के साथ ग्रे या सफेद नजर आने लगते हैं. कई लोगों को यह भी महसूस होता है कि सफेद बालों की बनावट पहले से ज्यादा रूखी या मोटी हो जाती है. उम्र के अलावा जेनेटिक्स भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अक्सर लोग अपने माता-पिता की तरह ही ग्रे होते हैं. यानी अगर घर में जल्दी सफेद बाल होने का ट्रेंड रहा है, तो अगली पीढ़ी में भी इसकी संभावना ज्यादा होती है. कुछ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि अलग-अलग नस्लों में बाल सफेद होने की उम्र अलग हो सकती है.
क्या इसको रोका जा सकता है?
पहले माना जाता था कि बालों का सफेद होना पूरी तरह तय है और इसे बदला नहीं जा सकता. लेकिन रिसर्च बताती है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह “फिक्स” नहीं होती. कुछ फैक्टर्स इसे तेज या धीमा कर सकते हैं. कुछ स्टडीज में विटामिन B12, आयरन जैसी पोषक तत्वों की कमी को समय से पहले सफेद बालों से जोड़ा गया है. इसके अलावा, लंबे समय तक रहने वाला तनाव भी इस प्रक्रिया को तेज कर सकता है. रिसर्च में पाया गया है कि ज्यादा तनाव बालों के पिगमेंट बनाने वाली सेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है. हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि बालों के सफेद होने को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन संतुलित डाइट, स्ट्रेस कंट्रोल और हेल्दी लाइफस्टाइल से इस प्रक्रिया को कुछ हद तक धीमा जरूर किया जा सकता है.