मोंथा तूफान का अलर्ट: देश के 13 राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनी और भारी बारिश का अलर्ट…
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मोंथा तूफान और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते देश के मौसम में बड़े बदलाव की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में जहां कड़ाके की ठंड का सितम जारी है, वहीं अब अगले 24 से 72 घंटों के भीतर 13 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खतरा मंडरा रहा है। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना ने आम जनजीवन के साथ-साथ प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और बर्फीली हवाओं का प्रकोप
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भारी हिमपात की संभावना है। यहां बर्फीली हवाओं की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है। वहीं उत्तराखंड के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ों पर हो रहे इस मौसमी बदलाव का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा, जिससे ठिठुरन और अधिक बढ़ सकती है।
मैदानी राज्यों में बारिश और शीतलहर का अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम बिगड़ गया है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की प्रबल आशंका है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में घने कोहरे के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी और शीतलहर का प्रकोप एक बार फिर बढ़ सकता है।
दक्षिण भारत में मोंथा तूफान की सक्रियता
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र ने अब मोंथा तूफान का रूप ले लिया है। इसका सबसे व्यापक प्रभाव दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु के नौ जिलों में मौसम विभाग ने ‘रेड अलर्ट’ जैसी स्थिति बताई है, जहां बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।