माहिष्मती अचीवर्स एकेडमी में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम …
लोरमी: नगर पालिका में स्थित विधालय माहिष्मती अचीवर्स एकेडमी में फाइलेरिया (Filaria) उन्मूलन एवं जागरुकता कार्यक्रम किया गया गया. इस डिजीज के बारे में यशोदा शिक्षण समिति के उपाध्यक्ष और निर्देशक अभिलाष जायसवाल ने बच्चों और अभिभावकों को बताया कि फाइलेरिया जिसे ‘हाथी पाँव’ भी कहते हैं,एक गंभीर परजीवी संक्रमण है जो मुख्य रूप से क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलता है। यह धागे जैसी परजीवी कृमियों (कृमि) के कारण होता है जो शरीर के लसीका तंत्र (lymphatic system) में बस जाते हैं, जिससे अंगों (पैरों, हाथों, अंडकोष) में सूजन, दर्द और त्वचा का मोटा होना जैसे लक्षण दिखते हैं। फाइलेरिया किसी को भी हो सकता है। इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है मच्छर दानी का प्रयोग और आसपास सफाई पानी जमा होने ना दें. साथ में कृमि का खुराक सभी को दिया गया, कृमि की समस्या किसी को भी हो सकता है. इससे अंदर से शरीर कमजोर होता है. इस अवसर पर एडवोकेट प्रिया जायसवाल, मितानिन संगीता रजक, अंबिका श्रीवास, श्रद्धा मिश्रा,अंशु चंदेल, विजय सोनी उपस्थित रहे. आपको बता दें स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़ 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच आपके घर आकर फाइलेरिया रोधी दवाओं को निःशुल्क खिलायेंगे। परिवार सहित दवाओं का सेवन करने अपील की गई है.