September 6, 2026

IDFC First Bank घोटाले में बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड रिभव ऋषि समेत 4 आरोपी गिरफ्तार…

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चंडीगढ़: IDFC First Bank घोटाले के मामले में देर रात गिरफ्तारियां हुई हैं. हरियाणा विजिलेंस ने इस मामले में मास्टरमाइंड रिभव ऋषि समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. बता दें कि मामले की जांच के लिए हरियाणा सरकार ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है. वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता समेत तीन अधिकारी इस कमेटी में शामिल किए गए हैं.

 

बैंक घोटाले मामले में 4 लोग गिरफ्तार: गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड रिभव ऋषि, अभिषेक सिंगला, अभय और महिला स्वाति शामिल हैं. देर रात पंचकूला सेक्टर 6 अस्पताल में सभी आरोपियों का मेडिकल कराया गया. हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा मामला दर्ज किया गया था.

आरोपियों को अदालत में किया जाएगा पेश: आईडीएफसी बैंक घोटाले को लेकर एंटी क्रप्शन ब्यूरो के डीजीपी एएस चावला ने जानकारी दी. उन्होंने बताया “23 फरवरी को पंचायत विभाग से एक पत्र मिला था, जिसमें गबन की जानकारी मिली. इसके बाद एसीबी ने मुकदमा नम्बर 4 दर्ज किया. मामले में एसीबी ने पहले रिभव ऋषि और अभय को गिरफ्तार किया. रिभव आईडीएफसी बैंक का मैनेजर है और अभय बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर था. बैंक ने सारा पैसा हरियाणा सरकार को लौटा दिया है. दोनों मुख्य आरोपी हैं, जिन्होंने योजना बनाई थी. गत शाम दोनों को राउंड अप किया. एक स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट के खाते में करीब 300 करोड़ रुपये गए थे. AU स्माल फाइनेंस बैंक में भी पैसा गया. स्वाति सिंघला निजी कंपनी की मालिक है और अभय की पत्नी है. स्वाति के भाई अभिषेक को भी गिरफ्तार किया है. आज इनको कोर्ट में पेश किया जाएगा. ऐसा जान पड़ रहा है कि किसी सरकारी अधिकारी की मिलीभगत भी हो सकती है.”

मुख्यमंत्री ने कहा- सरकार का पूरा पैसा वापस आ चुका: विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस पूरे मामले में 590 करोड़ रुपये की राशि सरकार के खाते में वापस जमा हो चुकी है. उन्होंने बताया कि बैंक ने 556 करोड़ रुपये मूल राशि और करीब 22 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में लौटाए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 24 घंटे के भीतर पूरा पैसा रिकवर कर लिया था. उन्होंने यह भी कहा कि इस घोटाले में बैंक की चंडीगढ़ शाखा के निचले स्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है.

 

हाई लेवल कमेटी गठित, एंटी करप्शन ब्यूरो कर रही जांच: मुख्यमंत्री ने बताया कि “इस पूरे मामले की जांच के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी बनाई गई है. इसके साथ ही एंटी करप्शन ब्यूरो को भी जांच सौंपी गई है. ये कमेटी पूरे मामले की जांच कर दोषियों की पहचान करेगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही ये भी देखा जाएगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हों, इसके लिए क्या बदलाव जरूरी हैं. इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.”

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