अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 11वां दिन- अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट में 16 ईरानी बोट पर हमला:अमेरिका ने कहा था- ईरान पर सबसे बड़ा अटैक करेंगे, ईरान बोला- धमकी से नहीं डरते…
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 11वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में माइन बिछाने वाली ईरान की 16 बोट पर हमला कर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे हमले किए जाएंगे। US सेंट्रल कमांड ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया।
इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि मंगलवार को ईरान पर अब तक के सबसे बड़े और सबसे तीव्र हमले किए जाएंगे। इस हमले में बड़ी संख्या में फाइटर जेट और बमवर्षक विमान शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर हो रही हैं और वह बुरी तरह हार रहा है।
वहीं ईरान ने भी जवाब देते हुए कहा है कि वह धमकियों से डरने वाला नहीं है और जो लोग ईरान को खत्म करने की बात करते हैं, उन्हें अपने अंजाम के बारे में सोच लेना चाहिए।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा कि ईरानी लोग अमेरिका की धमकियों से नहीं डरते। लारीजानी ने कहा कि पहले भी कई ताकतवर लोग ईरान को खत्म करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन वे सफल नहीं हुए।
लारीजानी ने ट्रम्प को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ईरान को मिटाने की बात कर रहे हैं, उन्हें सावधान रहना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि ईरान को मारने के चक्कर में वे खुद ही खत्म हो जाएं।
ईरान का दावा- इजराइल और US ठिकानों पर मिसाइल हमले किए
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने इजराइल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। IRGC के मुताबिक, तीन घंटे से ज्यादा समय तक लगातार खोरामशहर सुपर-हेवी मिसाइलें दागी गईं।
ईरान ने कहा कि तेल अवीव के दक्षिण में हेला सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर और बीर याकूब, वेस्ट यरुशलम तथा हाइफ़ा की मिलिट्री साइट्स को निशाना बनाया गया। इसके अलावा इराक के एरबिल में अमेरिकी बेस और बहरीन के मनामा में अमेरिकी पांचवें नेवल फ्लीट के मुख्यालय पर भी हमला करने का दावा किया गया।
IRGC ने कहा कि वह अपने लक्ष्य हासिल होने तक ऐसे हमले जारी रखेगा।
इजराइल ने तेहरान और तबरीज में एक साथ कई हमले किए
ईरान की राजधानी तेहरान में भी रात भर जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा कि उसने तेहरान और तबरीज में एक साथ कई जगहों पर हमला किया।
IDF के मुताबिक, तबरीज में एक स्पेशल यूनिट कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। वहीं तेहरान में “इमाम हसन” सिक्योरिटी यूनिट के मिलिट्री कंपाउंड और बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च से जुड़े एक कमांड सेंटर पर भी हमला किया गया।
इसके अलावा माराघेह प्रांत में इंटेलिजेंस और जनरल सिक्योरिटी पुलिस के कमांड सेंटर और तबरीज में बासिज फोर्सेज के एक बड़े कंपाउंड को भी निशाना बनाया गया। इजराइल ने कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कुछ मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया।
सऊदी अरब ने ड्रोन हमलों को नाकाम किया
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शायबा ऑयल फील्ड की ओर जा रहे दो ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया। ड्रोन का पता लगने के बाद उन्हें ऑयल फैसिलिटी तक पहुंचने से पहले एम्प्टी क्वार्टर रेगिस्तान में नष्ट कर दिया गया।
वहीं सिक्योरिटी फोर्स ने अल-खारज गवर्नरेट के पूरब में पांच और ड्रोन भी रोक दिए। बुधवार सुबह कम से कम दो ड्रोन और छह मिसाइलों को भी रोककर नष्ट किया गया।
दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमलों में 5 लोगों की मौत
लेबनान के पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्री के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के टायर जिले के काना इलाके में इजराइली हमलों में 5 लोगों की मौत हो गई। इन हमलों में कम से कम 5 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक इसमें शहर जौया के मेयर फॉजी फवाज और काउंसिल मेंबर अब्बास बालबेकी की भी मौत हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक पिछले सोमवार से इजराइल के हमलों में अब तक 570 लोगों की जान जा चुकी है। हजारों लेबनानी नागरिक पहले ही इन इलाकों को छोड़कर जा चुके हैं।
कतर से करीब 1000 भारतीय वापस आए
कतर में भारतीय दूतावास ने बताया कि करीब 1000 भारतीय यात्री भारत लौट आए हैं। ये लोग कतर एयरवेज की फ्लाइट से नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि पहुंचे।
दूतावास ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों और इमरजेंसी मामलों में यात्रा के लिए कतर एयरवेज के साथ मिलकर मदद की गई।
साथ ही, सलवा बॉर्डर से सऊदी अरब जाने वाले भारतीयों के लिए 96 घंटे का अस्थायी ट्रांजिट वीजा जारी किया गया है।
ईरानी महिला फुटबॉल टीम की 2 और खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में शरण
ईरानी महिला फुटबॉल टीम की दो और सदस्यों को ऑस्ट्रेलिया में शरण मिल गई है। ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि इन दोनों को उन पांच लोगों से मिला दिया गया है जिन्हें एक दिन पहले मानवीय वीजा दिया गया था।
बाद वाले ग्रुप में एक खिलाड़ी और एक टीम स्टाफ सदस्य शामिल थे। उन्होंने टीम के बाकी सदस्यों को एयरपोर्ट ले जाने से पहले शरण मांगी थी।
टीम के बाकी सदस्य सिडनी से ईरान लौट गए। होटल और एयरपोर्ट पर कुछ ईरानी-ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और महिलाओं से ईरान वापस न जाने की अपील की, क्योंकि उन्हें उनकी सुरक्षा की चिंता थी।
ईरान के UN एम्बेसडर बोले- 10 हजार सिविलियन जगहों पर हमला हुआ
संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के एम्बेसडर अमीर-सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में करीब 10 हजार सिविलियन जगहों को निशाना बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि इनमें लगभग 8,000 रिहायशी घर शामिल हैं। इन हमलों में 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
इरावानी ने UN सिक्योरिटी काउंसिल की आलोचना करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर चुप है, जबकि उसकी जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है।
हिजबुल्लाह का दावा-इजराइली ठिकानों पर रॉकेट हमले
हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने लेबनान बॉर्डर के पास कई इजरायली सैन्य ठिकानों पर रॉकेट दागे। संगठन के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने खियाम के पास हमाम साइट पर मौजूद इजरायली सैनिकों और गाड़ियों को निशाना बनाया।
हिजबुल्लाह ने यह भी कहा कि कफर युवल बस्ती के पास अजल हिल साइट पर भी हमला किया गया। लेबनान-इजरायल बॉर्डर के फातिमा गेट इलाके पर भी रॉकेट दागे गए।
दक्षिणी लेबनान के ऐतरौन शहर के पास हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच भारी लड़ाई हुई। दोनों तरफ से तोपखाने और रॉकेट का इस्तेमाल हुआ, जिससे शहर के बाहरी इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
नेतन्याहू बोले- ईरान युद्ध के लिए स्पेशल बजट बनाएंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध के खर्च के लिए इजराइल सरकार अरबों शेकेल का खास बजट बनाएगी। उनका कहना है कि लड़ाई के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है।
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल ने युद्ध के दौरान कई सरकारी ठिकानों पर हमले किए हैं और आगे भी हमले जारी रहेंगे। उन्होंने ईरान के लोगों से अपील की कि वे अली खामेनेई शासन को हटाने का मौका इस्तेमाल करें।
इराक में अमेरिकी एम्बेसी के लॉजिस्टिक सपोर्ट कैंप पर ड्रोन अटैक
अल जजीरा अरबी के मुताबिक इराक की राजधानी बगदाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अमेरिकी एम्बेसी के एक लॉजिस्टिक सपोर्ट कैंप पर ड्रोन से हमला किया गया है। इस कैंप को ड्रोन हमले से निशाना बनाया गया। इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार ऐसे हमले हो रहे हैं।
ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट के पास 16 बोट को निशाना बनाया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट में समुद्र के अंदर माइन (बारूदी सुरंग) न लगाए। ट्रम्प ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के शिपिंग रास्ते में माइन लगाई है, लेकिन अगर ऐसा किया गया, तो अमेरिका ऐसा जवाबी हमला करेगा जैसा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा।
उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में माइन लगाई है, हालांकि अभी ऐसी कोई पक्की रिपोर्ट नहीं है लेकिन ऐसा है तो उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान माइन हटा देता है, तो यह सही दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम होगा।
ट्रम्प ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने समुद्र में माइन बिछाने वाली 16 बोट पर हमला कर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे हमले किए जाएंगे।
साथ ही US सेंट्रल कमांड ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें कहा गया कि ईरान की समुद्री ताकत को कम किया जा रहा है, क्योंकि ईरानी सेना कई सालों से अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को खतरा पहुंचाती रही है।
ईरान का अमेरिका पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर फेक न्यूज फैलाने का आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह फाइनेंशियल मार्केट में प्रभावित करने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को लेकर फेक न्यूज फैला रहा है। उनका यह बयान तब आया जब अमेरिका अपने उस दावे से पीछे हट गया, जिसमें कहा गया था कि उसके एक वॉरशिप ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक एनर्जी टैंकर को एस्कॉर्ट किया था।
अराघची ने X पर लिखा कि अमेरिकी अधिकारी मार्केट को प्रभावित करने के लिए झूठी खबरें पोस्ट कर रहे हैं, लेकिन इससे अमेरिकियों पर बढ़ती महंगाई से उन्हें राहत नहीं मिलेगी।
वहीं ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नेवी कमांडर अलीरेजा तांगसिरी ने चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले किसी भी अमेरिकी सैन्य जहाज या उसके सहयोगी देशों के जहाज को निशाना बनाया जाएगा।
उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के उस दावे को भी झूठा बताया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी नेवी ने किसी ऑयल टैंकर को स्ट्रेट से एस्कॉर्ट किया था। तांगसिरी ने कहा कि अमेरिकी फ्लीट या उसके सहयोगियों के किसी भी रास्ते को ईरानी मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन से रोका जा सकता है।
जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बात की
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच वेस्ट एशिया में चल रहे संकट और खासकर एनर्जी सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पर इसकी जानकारी दी। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले शुरू होने के बाद यह तीसरी बार है जब जयशंकर और अराघची की बातचीत हुई है।
ईरान के हमलों में अमेरिका के 140 सैनिक घायल हुए
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल के मुताबिक ईरान के साथ 10 दिनों से चल रही लड़ाई में करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इनमें से 108 सैनिक इलाज के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आठ अमेरिकी सैनिक अभी गंभीर रूप से घायल हैं। यह आंकड़ा पहली बार सामने आया है, जब ईरान की ओर से किए गए जवाबी रॉकेट और ड्रोन हमलों में अमेरिकी सैनिकों को लगी चोटों की जानकारी दी गई है। इन हमलों में कुवैत और सऊदी अरब में सात अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हो चुकी है।
इजराइल के राष्ट्रपति बोले- हिज्बुल्लाह को पूरी तरह खत्म करेंगे
इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने कहा है कि उनका देश हिज्बुल्लाह को पूरी तरह खत्म करने की योजना बना रहा है। उन्होंने बताया कि 2 मार्च से इजराइल इस संगठन पर लगातार तेज हमले कर रहा है।
हर्जोग ने कहा कि अगर हिज्बुल्लाह इजराइल को धमकाने या परेशान करने के बारे में सोचता भी है, तो उसे अंदाजा नहीं है कि आगे उसके साथ क्या हो सकता है। इजराइल ने हिज्बुल्लाह को हमेशा के लिए खत्म करने का पक्का इरादा कर लिया है।
अमेरिका ने कहा- तेल और गैस की कीमतें पहले से भी कम होंगी
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन के कारण तेल-गैस की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है, वह अस्थायी है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के चलते आखिरकार तेल और गैस की कीमतें कम होंगी। लेविट ने कहा कि कीमतें युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से भी नीचे चली जाएं।
लेविट ने कहा कि अमेरिकी मिलिट्री ईरान के मिसाइल प्रोडक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के लिए काम कर रही है। पिछले 10 दिनों में चलाया गया अभियान अब तक बहुत सफल रहा है और अमेरिकी सैनिक इस लड़ाई में उम्मीद से भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
अमेरिका ने ईरान की नेवी के 50 से ज्यादा जहाज नष्ट कर दिए हैं, जिनमें एक बड़ा ड्रोन कैरियर जहाज भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आगे भी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तय किए गए मकसद ही बनाए रखे जाएंगे। लेविट ने यह भी कहा कि ट्रंप को भरोसा है कि ये लक्ष्य जल्द ही हासिल कर लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से किसी भी जहाज या टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया है। जब ईरान बिना किसी शर्त के सरेंडर कर देगा और ट्रम्प को लगेगा कि लक्ष्य पूरे हो गए हैं, तब ईरान में ऑपरेशन खत्म हो जाएगा।
ईरान बोला- इजराइल के हाइफा में तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया
ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए हाइफा में तेल रिफाइनरी और फ्यूल स्टोरेज टैंकों पर हमला किया। ईरान के खातम अल-अंबिया सशस्त्र बल मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई हालिया हमलों की नई लहर के तहत की गई।
ईरान के मुताबिक ड्रोन के जरिए हाइफा की तेल और गैस रिफाइनरी के साथ-साथ फ्यूल स्टोरेज टैंकों को निशाना बनाया गया। यह हमला ईरान के जवाबी सैन्य अभियान की 33वीं लहर का हिस्सा बताया गया है।
प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के तेल डिपो और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने के जवाब में की गई है।
कतर बोला- ईरान के हमलों को नाकाम कर रहे
कतर ने कहा है कि उसकी सेना ईरान की ओर से हो रहे हमलों को नाकाम कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि ईरान की ओर से लगातार हमलों की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
माजिद ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कतर के क्षेत्र में ईरान की ओर से हमलों की कोशिशें लगातार जारी हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी हमले में ऐसे अहम नागरिक ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है, जिन पर आम लोगों का जीवन निर्भर करता है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कतर ने हमले रोकने और जल्द बातचीत की अपील की
कतर ने मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच सभी पक्षों से हमले रोकने और जल्द कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की अपील की है।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि उनका देश तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करता है।
उन्होंने कहा कि हमले रोककर जल्द बातचीत की मेज पर लौटना क्षेत्र के लोगों के हित में होगा। इससे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक स्थिरता को भी मजबूती मिलेगी
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब तक कतर पर रोजाना हमले हो रहे हैं, तब तक उसकी प्राथमिकता इन हमलों से बचाव और जवाब देना है।
अमेरिकी दूत विटकॉफ अगले हफ्ते इजराइल जा सकते हैं
अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ अगले हफ्ते इजराइल का दौरा कर सकते हैं। CNBC न्यूज को दिए इंटरव्यू में विटकॉफ ने कहा कि इस यात्रा के दौरान ईरान के साथ जारी जंग की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
विटकॉफ के मुताबिक रूस ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों की खुफिया जानकारी ईरान के साथ साझा करने से इनकार किया है। यह इनकार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फोन बातचीत के दौरान किया।
यूक्रेन खाड़ी देशों में मिलिट्री एक्सपर्ट्स भेजेगा
यूक्रेन इस हफ्ते अपने मिलिट्री एक्सपर्ट्स को कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भेजेगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि ये एक्सपर्ट्स ईरानी ड्रोन से निपटने के तरीकों पर इन देशों को सलाह देंगे।
यूक्रेन को ईरान में बने शहीद ड्रोन से मुकाबले का लंबा अनुभव है। रूस ने यूक्रेन के खिलाफ जारी चार साल के युद्ध में इन ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इसी अनुभव के आधार पर यूक्रेन अब खाड़ी देशों के साथ अपनी सैन्य विशेषज्ञता साझा करेगा।
डेनमार्क ने तेहरान में दूतावास अस्थायी रूप से बंद किया
डेनमार्क ने ईरान की राजधानी तेहरान में अपना दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि दूतावास को खुला रखना संभव नहीं है।
रासमुसेन ने पत्रकारों से कहा कि बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि डेनमार्क का यह कदम कई अन्य यूरोपीय देशों के फैसलों के अनुरूप है, जिन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अपने राजनयिक मिशनों की सुरक्षा पर पुनर्विचार किया है।
WHO ने ईरान में जहरीली बारिश की चेतावनी दी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ईरान में जहरीली ‘ब्लैक रेन’ को लेकर चेतावनी जारी की है। संगठन के मुताबिक तेल ठिकानों पर हमलों के बाद हवा में जहरीले रसायन फैल गए हैं, जिसके कारण तेल युक्त बारिश हो रही है और इससे लोगों में सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
WHO ने कहा कि हमलों के बाद हवा में टॉक्सिक हाइड्रोकार्बन, सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन यौगिक फैल गए हैं। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द, आंखों और त्वचा में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
लंबे समय तक ऐसे प्रदूषण के संपर्क में रहने से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। WHO ने लोगों से घरों के अंदर रहने और प्रदूषण से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ईरान में ऑयल डिपो पर हमले के बाद आसमान में काले धुएं के जहरीले बादल छा गए हैं।
लेबनान से दागे गए रॉकेट सेंट्रल इजराइल में गिरे
लेबनान से दागे गए रॉकेट सेंट्रल इजराइल के कई इलाकों में गिरने से कई लोग घायल हो गए। इजराइली सेना के मुताबिक अधिकांश रॉकेटों को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन दो रॉकेट अलग-अलग स्थानों पर गिर गए।
इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि लेबनान की ओर से कई रॉकेट दागे गए थे। सेना के मुताबिक इनमें से ज्यादातर को रक्षा प्रणाली ने रोक लिया, लेकिन दो प्रोजेक्टाइल समय पर इंटरसेप्ट नहीं किए जा सके और वे जमीन पर गिर गए।
हमले में कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं। इजराइल के होम फ्रंट कमांड और एयर फोर्स की संयुक्त जांच में पाया गया कि रॉकेटों का पता तो चल गया था, लेकिन उन्हें समय रहते रोकने में तकनीकी कारणों से देरी हुई।
इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में 4 कस्बे खाली करने को कहा
इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के चार कस्बों के लोगों को तुरंत अपने घर खाली करने का आदेश दिया है। इजराइली सेना ने कहा कि नबातियेह प्रांत के अर्नौन, योहमोर, अल-शर्कियाह और जौतर अल-घरबियाह के निवासियों को तुरंत उत्तर की ओर चले जाना चाहिए, क्योंकि इलाके में सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
अमेरिका ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का वीडियो शेयर किया
इजराइल बोला- ईरान ने फिर मिसाइलें दागी
इजराइल ने बताया किया है कि ईरान ने उसकी ओर फिर मिसाइलें दागी हैं। इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक मिसाइल लॉन्च का पता चलते ही देश के एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और खतरे को रोकने की कोशिश की जा रही है।
सेना ने कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और अलर्ट मिलने पर सुरक्षित स्थानों में जाने की अपील की गई है।
अमेरिका ने युद्ध के पहले 2 दिन में 5.6 अरब डॉलर खर्च किए
ईरान के साथ जारी युद्ध के पहले दो दिनों में अमेरिका ने करीब 5.6 अरब डॉलर खर्च किए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने संसद (कांग्रेस) को दी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिकी सेना ने लंबी दूरी की प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशन समेत कई महंगे और उन्नत हथियारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया।
अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए भी बड़ी संख्या में एयर डिफेंस म्यूनिशन इस्तेमाल करने पड़े।
इतनी तेजी से हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी संसद में चिंता बढ़ गई है। युद्ध लंबा खिंचने पर अमेरिकी प्रशासन को नए हथियारों के उत्पादन के लिए कांग्रेस से अतिरिक्त फंडिंग मांगनी पड़ सकती है।
श्रीलंका से ईरान लाए जाएंगे नौसैनिकों के शव
अमेरिकी हमले में डूबे ईरानी युद्धपोत के मारे गए नौसैनिकों के शव श्रीलंका से ईरान वापस लाए जाएंगे। ईरान की सेना के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि 104 में से 84 शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द देश भेजा जाएगा।
ईरान के मुताबिक शवों की स्वदेश वापसी उसके विदेश मंत्रालय के प्रयास और श्रीलंका सरकार के सहयोग से की जा रही है। ईरानी युद्धपोत ‘देना’ पिछले हफ्ते अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में डूब गया था, जिसमें कई नौसैनिकों की मौत हो गई थी।
ईरानी राष्ट्रपति बोले- हमें मिटाने का सपना देखने वाले इतिहास नहीं जानते
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि कोई भी ताकत ईरान को खत्म नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि ईरान कम से कम 6,000 साल पुरानी सभ्यता का वारिस है और इतिहास में कई हमलावर आए और चले गए, लेकिन ईरान कायम रहा।
सोशल मीडिया पोस्ट में पजशकियान ने कहा कि जो लोग ईरान को मिटाने का सपना देखते हैं, वे इतिहास को नहीं समझते। उनके मुताबिक कई आक्रांताओं ने ईरान को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन वे सभी असफल रहे। उन्होंने कहा कि हमलावर आते-जाते रहे, लेकिन ईरान हमेशा कायम रहा है और आगे भी रहेगा।
नीदरलैंड ईरानी दूतावास से अपना स्टाफ हटाएगा
नीदरलैंड ने ईरान में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच तेहरान स्थित अपने दूतावास से स्टाफ हटाने का फैसला किया है। डच सरकार ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हु