संयंत्र में महिला दिवस के अवसर पर नागरिक सुरक्षा कार्यशाला आयोजित…
नागरिक सुरक्षा संगठन–छत्तीसगढ़ (भारत सरकार, गृह मंत्रालय से संबद्ध) तथा ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्लेट मिल के कर्मियों की धर्मपत्नियों एवं गृहिणियों के लिए “हम भी हैं तैयार” शीर्षक से एक दिवसीय विशेष बुनियादी नागरिक सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के लघु सभागार में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आपदा, विपरीत परिस्थितियों अथवा संकट की स्थिति में गृहिणियों को धैर्य, साहस एवं तत्परता के साथ कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना था, ताकि वे स्वयं तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न आपात स्थितियों में बचाव एवं राहत से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई, जिनमें संकट की स्थिति में त्वरित निर्णय लेना, पीड़ितों को सहारा देना एवं सुरक्षित स्थान तक पहुँचाना, अस्थायी स्ट्रेचर का निर्माण, रस्सी के माध्यम से बचाव, रक्तस्राव को नियंत्रित करना, कृत्रिम श्वास प्रदान करना तथा प्राथमिक उपचार की मूलभूत तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझाया गया। साथ ही प्रतिभागियों को आपातकालीन सेवा 112 के उपयोग, विपरीत परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखने तथा घर एवं आसपास सतर्कता बरतने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यशाला में राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा महाविद्यालय, नागपुर (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल महाविद्यालय) से प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। अनुभाग अधिकारी (ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग) श्री स्वतंत्र कुमार ने नागरिक सुरक्षा का इतिहास, उद्देश्य, हमारी भूमिका, आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, घरेलू सुरक्षा, घरेलू उपकरणों एवं विद्युत सुरक्षा तथा संचार सेवा जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। मर्चेंट मिल के मास्टर तकनीशियन श्री सुरेन्द्र नंदेश्वर ने बचाव सेवाओं एवं उससे संबंधित प्रदर्शन के माध्यम से महत्वपूर्ण तकनीकों को समझाया एवं राष्ट्रीय औद्योगिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र विभाग के नर्सिंग ऑफिसर श्री दिनेश ग्वाल ने प्राथमिक उपचार से जुड़े आवश्यक पहलुओं पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के उपरांत प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार से संबंधित जानकारी को प्रतिभागियों ने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रबंधन द्वारा महिलाओं के लिए ऐसे उपयोगी एवं जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम आयोजित करने की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं को निरंतर आयोजित किए जाने का आग्रह किया।
इस कार्यशाला के पाठ्यक्रम समन्वयक अनुभाग अधिकारी, ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग/ नागरिक सुरक्षा संगठन छत्तीसगढ़ (भारत सरकार – गृह मंत्रालय से संबद्ध) श्री स्वतंत्र कुमार, रहे|
————