नवीन आपराधिक कानून के प्रावधानों के तहत ई-साक्ष्य एवं ई-समंस के उपयोग पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित…
- जिला दुर्ग में कार्यरत कोर्ट मोहर्रिर, समंस-वारंट आरक्षक एवं तकनीकी स्टाफ के लिए प्रशिक्षण आयोजित*
- ▪️ *विवेचना के दौरान ई-साक्ष्य एवं ई-समंस के प्रभावी उपयोग के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया*
- ▪️ *प्रोजेक्टर के माध्यम से पोर्टल के उपयोग की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई*
- ▪️ *प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 93 अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे*
दिनांक 15.03.2026 को रक्षित केन्द्र दुर्ग के प्रशासनिक भवन स्थित “दधीचि प्रशिक्षण हॉल” में नवीन आपराधिक कानून के प्रावधानों के अंतर्गत ई-साक्ष्य एवं ई-समंस के महत्व तथा विवेचना में इनके प्रभावी उपयोग के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से उपलब्ध ई-साक्ष्य अपराधों की विवेचना को सुदृढ़ बनाते हैं तथा न्यायालय में आरोपियों को दंडित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि विवेचना के दौरान आरोपियों एवं गवाहों के मोबाइल नंबर का सही इंद्राज किया जाए, जिससे ई-समंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण सत्र में प्रोजेक्टर के माध्यम से ई-साक्ष्य एवं ई-समंस से संबंधित पोर्टल के उपयोग की तकनीकी जानकारी विस्तार से प्रदान की गई तथा उपस्थित कर्मचारियों को डिजिटल प्रक्रियाओं के संबंध में व्यवहारिक मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम स्थल :
रक्षित केन्द्र, दुर्ग प्रशासनिक भवन स्थित “दधीचि प्रशिक्षण हॉल”
सराहनीय भूमिका :
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में उप पुलिस अधीक्षक (लाईन) श्री चन्द्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक श्री नीलकंठ वर्मा, आरक्षक क्रमांक 897 कांशी राम बरेठ (प्रभारी सीसीटीएनएस भिलाई), आरक्षक क्रमांक 1617 विनीत साहू (सीसीटीएनएस भिलाई), महिला आरक्षक क्रमांक 450 मनीषा यादव, महिला आरक्षक क्रमांक 504 गोदावरी तथा नेफीस (सीसीटीएनएस भिलाई) की सराहनीय भूमिका रही। प्रशिक्षण में जिला दुर्ग के कुल 93 अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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