June 5, 2026

होर्मुज से गुजरा 8वां भारतीय जहाज, युद्ध के बीच ट्रांसपोर्ट में सबसे सफल देशों में भारत शामिल…

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भारत ने इन जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए दोहरी रणनीति अपनाई। एक ओर ईरान के साथ सीधे कूटनीतिक संपर्क स्थापित किए गए, जिसके चलते कुछ जहाजों को ईरानी तट के करीब से गुजरने की इजाजत मिली।

पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बड़ी चुनौती बन गई है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद इस संकरे जलमार्ग से यातायात काफी कम हो गया था, लेकिन भारत ने कूटनीतिक प्रयासों और नौसेना की मदद से अपने झंडे वाले 8 जहाजों को होर्मुज से गुजार लिया है। यह संख्या किसी भी देश के लिए युद्ध शुरू होने के बाद सबसे अधिक में से एक है। इन जहाजों में LPG कैरियर शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस, जग वसंत, ग्रीन सान्वी, बीडब्ल्यू टायर, बीडब्ल्यू एल्म और क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी शामिल हैं। ये जहाज भारत के विभिन्न बंदरगाहों जैसे मुंद्रा, कांडला, मुंबई और न्यू मंगलौर की ओर जा रहे थे, जिनमें एलपीजी और क्रूड ऑयल जैसी ऊर्जा सामग्री लदी हुई थी।

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इन 8 भारतीय जहाजों ने कुल मिलाकर हजारों टन LPG और क्रूड ऑयल की आपूर्ति सुनिश्चित की। उदाहरण के लिए शिवालिक और नंदा देवी ने करीब 92 हजार टन एलपीजी पहुंचाई, जबकि जग वसंत और पाइन गैस ने लगभग 92600 टन, बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म ने 94,000 टन के आसपास एलपीजी कैरी की। जग लाडकी नामक टैंकर ने संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 80,886 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा। ये कार्गो भारत की घरेलू खपत के लिए बेहद जरूरी हैं, खासकर रसोई गैस और अन्य ऊर्जा जरूरतों के लिए। युद्ध के कारण कई अन्य भारतीय जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, लेकिन इन आठ जहाजों के सफल ट्रांजिट से ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल दबाव कम हुआ है।

लगातार प्रयास में जुटा भारत

भारत ने इन जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए दोहरी रणनीति अपनाई। एक ओर ईरान के साथ सीधे कूटनीतिक संपर्क स्थापित किए गए, जिसके चलते कुछ जहाजों को ईरानी तट के करीब से गुजरने की इजाजत मिली। दूसरी ओर, भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन उर्जा सुरक्षा के तहत गल्फ ऑफ ओमान में युद्धपोत तैनात किए, जिनमें डिस्ट्रॉयर और फ्रिगेट शामिल हैं। ये जहाज होर्मुज से निकलने के बाद मर्चेंट जहाजों को रीयल-टाइम गाइडेंस, मॉनिटरिंग और एस्कॉर्ट प्रदान करते हैं।

नौसेना ने खुद स्ट्रेट में प्रवेश नहीं किया, लेकिन सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इस प्रयास से न केवल कार्गो पहुंचा बल्कि भारतीय जहाजों की विश्वसनीयता भी बढ़ी। वर्तमान स्थिति में चीन, ग्रीस, लाइबेरिया और कुछ अन्य देशों के जहाज भी होर्मुज से गुजरे हैं, लेकिन भारत की संख्या अन्य कई देशों से अधिक है। बांग्लादेश, फिलीपींस, मलेशिया, पाकिस्तान और रूस जैसे देशों के जहाजों ने भी ईरानी अधिकारियों से बातचीत के बाद गुजरने में सफलता पाई है। हालांकि, वैश्विक शिपिंग ट्रैफिक अभी भी काफी कम है और स्थिति नाजुक बनी हुई है।

नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं।और पढ़ें