अहिवारा विष क्षेत्र में तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर खनिज माफिया कर रहे है खनिज संसाधन का परिवहन…
- क्षेत्रीय विधायक व ईमानदार कलेक्टर की छवि को माइनिंग विभाग के अफसर ही कर रहे है धूमिल
अहिवारा। सुशासन की सायं सरकार में अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में वैध एवं अवैध तरीके से दिनदहाड़े मुरम मिट्टी। का उत्खनन दुर्ग जिले में धड़ल्ले से हो रहा है।
अवैध खनन की शिकायत मिली तो करूंगा कार्यवाही-मिश्रा
खनिज अधिकारी दीपक मिश्रा ये कहते फिर रहे है कि अवैध उत्खनन की शिकायत है तो मुझे बताए में कार्यवाही करूंगा लेकिन कार्यवाही तो दूर खनिज माफिया मुरम। संसाधनों का बेखौफ होकर खनन कर रहे है जिसमें जिला पंचायत एवं खनिज विभाग के अफसरों की भूमिका काफी संदिग्ध देखी जा रही है।
दुर्ग जिले में अवैध मुरूम मिट्टी का बड़ा खेल
दुर्ग जिलों में तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर अनेकों जगह पर मुरूम और मिट्टी का बड़ा खेल फल फूल रहा है।खनिज माफिया धड़ल्ले से मुरूम व रॉयल्टी पर्ची की चोरी कर के मुनाफाखोरी कर रहे है ये सारा कारनामा ग्राम पंचायत व खनिज अफसरों के शह मत से पल फूल रहा है।
ऐसा ही एक मामला अहिवारा विधानसभा के ग्राम पंचायत खेरधा में तालाब सौंदर्यीकरण के मामले में देखा जा रहा है।जहां बड़ी बड़ी मशीनें लगा कर अधिक गहरीकरण कर मुरूम अपने फायदे के लिए निकाली जा रही है और दलदल मिट्टी को तालाब में गहराई को छुपाने के लिए वापस डाला जा रहा है। आने वाले समय में ग्रामीणों के लिए खुजली जैसी व बीमारी का खतरा बन सकता है।परिवहन कर्ता खनिज विभाग में खोदे हुए मुरूम का भंडारण दिखा कर परिवहन हेतु परमिशन लेता है। लेकिन रॉयल्टी पर्ची कुछ ही ट्रकों का काटकर अवैध तरीके से खुदाई को वैध दिखाकर अपने फायदे के ले रहे हैं इस तरह का खेल जिले में अमूमन चल रहा है।
विधायक व कलेक्टर की छवि कर रहे है अधिकारी खराब..?
क्षेत्रीय विधायक डोमनलाल कोर्सेवाडा एवं ईमानदार कलेक्टर अभिजीत सिंह की नाक के नीचे खनिज माफिया विभाग के नौकर शाह सरकार की छवि को किस तरह खराब कर रहे है ये खेरधा के तालाब सौंदर्यीकरण के मामले में देखा जा सकता है ।
तालाब खोदने की सारी परमिशन – ठेकेदार
तालाब खोदने वाले ठेकेदार अभिलाष ने कहा कि मुरूम की रॉयल्टी और हमारे पास सारी परमिशन खनिज विभाग से एवं पंचायत से काम का प्रस्ताव हमे मिला हुआ है। हम सारी गाड़ियों का रॉयल्टी पर्ची काट रहे है ।
लेकिन मौके पर कोई भी रॉयल्टी पर पर्ची नहीं काटी जा रहा थी नाही कोई व्यक्ति मौजूद था ,मशीन एवं डंपर चालक द्वारा बताया गया और गोल माल जवाब दिया कि अभी रॉयल्टी पर्ची नहीं है हम ऐसे ही परिवहन कर रहे है जो हमे साइड दिया गया है वहां माल डाल रहे है। सुपरवाइजर जानता है कहकर बात को टाल दिया। मौके पर कोई भी सुपरवाइजर या पर्ची नहीं कटाने वाला नहीं मिला। उत्खनन में जो हाइवा उपयोग कर रहे उनके चालक से पूछने पर बताया कि बगैर रॉयल्टी पर्ची के आवागमन कर रहे है।जिस से साफ होता है कि परमिशन तो लिया गया है लेकिन रॉयल्टी की चोरी की जा रही है।
जिसे माइनिंग विभाग द्वारा मौके का निरक्षण व गड्ढे का माप लेकर हो रहे गलत कार्य एवं रॉयल्टी चोरी पर रोक लगाया जा सकता है।
दुर्ग जिला माइनिंग अधिकारी को ऐसे वैध एवं अवैध उत्खनन के लिए मौका मुआयना करना चाहिए और कितने घन मीटर की खुदाई हुई है उसकी भी जांच करनी चाहिए।
दुर्ग जिले के तमाम तालाब सौंदर्यीकरण के मामले में दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह को चाहिए कि जिन जिन स्थानों पर अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी हो रहा है उसके खिलाफ एक्शन लेकर कार्यवाही हेतु निर्देश करे। कही ऐसा तो नहीं खनिज के इस खेल में खनिज माफिया परमिशन ले रहा है कम की और माल उड़ा रहा है जायदा की ,इस पर भी कलेक्टर साहब को कार्यवाही करना चाहिए।
सुशासन की सायं सरकार में बेखौफ होकर खनिजों का कैसे दोहन हो रहा है इसे देखना है तो दुर्ग जिलों के तालाबों के सौंदर्यीकरण के मामले में खनिज माफिया सरकार का भट्टा लगा रहे है ये इसका जीता जागता ग्राम खेरधा में मुरूम खनन उदाहरण है।
ये हम नहीं कह रहे है कि ठेकेदार अभिलाष वैध या अवैध तरीके से लाल मुरूम का खनन कर रहा है ये जांच का विषय है कलक्टर साहब को अपनी नजर इस और इनायत करनी चाहिए ।