राघव चड्ढा ही नहीं, हरभजन सिंह और विक्रम साहनी भी बागी! 10 में से 7 सांसद गए बीजेपी में; राज्यसभा में AAP का वजूद खतरे में…
- आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत हो गई है. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है. चड्ढा ने दावा किया कि 10 में से 7 सांसद उनके साथ हैं. उन्होंने राज्यसभा सभापति को दस्तावेज सौंप दिए हैं.
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी में अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है. पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दो अन्य सांसदों संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. चड्ढा ने ऐलान किया कि राज्यसभा में AAP के दो तिहाई सदस्य अब बीजेपी में विलय कर रहे हैं. उन्होंने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए इस कदम को जायज ठहराया है. चड्ढा ने बताया कि उन्होंने आज सुबह ही राज्यसभा सभापति को जरूरी दस्तावेज और हस्ताक्षरित पत्र सौंप दिए हैं. यह खबर राजनीति के गलियारों में आग की तरह फैल गई है क्योंकि पंजाब से आने वाले ये तीनों चेहरे पार्टी की रीढ़ माने जाते थे.
कौन-कौन से सांसद जा रहे हैं बीजेपी के साथ?
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं और चड्ढा ने 7 सांसदों के साथ होने का दावा किया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल मौजूद थे. इसके अलावा उन्होंने हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल के नाम भी लिए हैं. स्वाति मालीवाल पहले से ही बागी तेवर दिखा रही थीं. अब इन सांसदों के बीजेपी में जाने से राज्यसभा में AAP का गणित पूरी तरह बिगड़ गया है.
हैरानी की बात यह है कि अशोक मित्तल को इसी महीने राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में उप-नेता बनाया गया था. पार्टी ने उन पर भरोसा जताया था लेकिन उन्होंने चड्ढा का साथ देना बेहतर समझा. चड्ढा ने स्पष्ट किया कि उनके पास 2/3 बहुमत है, इसलिए उन पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई का खतरा भी कम है. इस बगावत ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक की राजनीति में हलचल मचा दी है. अब देखना होगा कि अरविंद केजरीवाल इस बड़े संकट से अपनी पार्टी को कैसे बचाते हैं.
AAP के 7 राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल, राघव चड्ढा का दावा.
राघव चड्ढा ने पार्टी पर क्या गंभीर आरोप लगाए?
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बेहद भावुक और आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा था, वह अब अपने सिद्धांतों से भटक गई है. चड्ढा के अनुसार AAP अब देशहित में नहीं बल्कि निजी फायदों के लिए काम कर रही है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पिछले कुछ सालों से उन्हें महसूस हो रहा था कि वह एक गलत पार्टी में सही इंसान हैं. चड्ढा ने साफ किया कि वह अब जनता के करीब जाने के लिए आम आदमी पार्टी से दूरी बना रहे हैं.