खेती से थाली तक सब महंगा-सरकार डाल रही डाका– शकुन डहरिया
आरंग–देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगी आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। 19 मई को महीने में दूसरी बार ईंधन के दामों में की गई बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। लगातार बढ़ते दामों का यह सिलसिला यहीं रुकता नजर नहीं आ रहा है, बल्कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ने के साफ संकेत मिल रहे हैं। ईंधन की इस तपिश से अब सीधे तौर पर आम आदमी की रसोई झुलसने वाली है। इस चौतरफा बढ़ती महंगाई को लेकर श्रीमती शकुन डहरिया सदस्य प्रदेश कॉंग्रेस कार्यसमिति एवम प्रभारी महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आगाह किया है कि अगर सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं, तो आने वाले दिनों में गरीब और मध्यम वर्ग के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को केवल गाड़ियों के ईंधन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। जब भी डीजल के दाम बढ़ते हैं, तो देश में मालभाड़ा (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) अपने आप बढ़ जाता है। इसका सीधा असर दूसरे राज्यों और शहरों से आने वाली हरी सब्जियों, दालों, खाद्य तेल और रोजमर्रा के राशन पर पड़ता है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि आज 19 मई को दूसरी बार दाम बढ़ाकर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उसे आम जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। पहले ही एलपीजी सिलेंडर के दामों ने घरेलू बजट बिगाड़ रखा है और अब डीजल की इस मार से गृहणियों के लिए दो वक्त का चूल्हा जलाना भी दूभर होने लगा है।भविष्य की डरावनी संभावनाओं की ओर इशारा करते हुए शकुन डहरिया ने कहा कि ईंधन के दाम बढ़ने का यह सबसे बुरा दौर है। डीजल महंगा होने से किसानों के लिए खेतों की जुताई, सिंचाई के पंप चलाना और तैयार फसलों को मंडियों तक ले जाना बेहद खर्चीला सौदा साबित होगा। जब किसान की लागत बढ़ेगी, तो अनाज और फल-सब्जियों के दाम बाजार में दोगुने हो जाएंगे। यही नहीं, मालभाड़ा बढ़ने से कपड़े, दवाइयां, सीमेंट, छड़ जैसी बुनियादी जरूरत की वस्तुएं भी आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएंगी। उन्होंने आशंका जताई है कि आने वाले हफ्तों में रसोई का खर्च 30 फीसदी तक बढ़ सकता है, जिससे हर परिवार का मानसिक तनाव बढ़ना तय है।श्रीमती शकुन डहरिया ने केंद्र की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय टैक्स वसूली में मस्त है। कांग्रेस पार्टी जनता के साथ हो रहे इस आर्थिक अन्याय को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स को कम कर बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए।श्रीमती डहरिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते महंगाई पर लगाम नहीं कसी गई, तो कांग्रेस आम जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरेगी और इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।