June 5, 2026

दुर्ग, प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में जगद्गुरु श्रीमद रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी का शुभागमन…

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  • एक दिवसीय प्रवचन, दर्शन, मार्गदर्शन एवं दीक्षा समारोह – हजारों श्रद्धालु होंगे लाभान्वित

छत्तीसगढ़ राज्य की पावन भूमि, जिसे प्रभु श्रीराम का ननिहाल कहा जाता है, यह अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि *जगद्गुरु श्रीमद रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी (पीठाधीश्वर – श्री दक्षिण पीठ, नाणीजधाम, महाराष्ट्र) का शुभागमन होने जा रहा है। इस अवसर पर *एक दिवसीय प्रवचन, दर्शन, समस्या मार्गदर्शन एवं दीक्षा समारोह का आयोजन 4 जून 2026, गुरुवार को प्रातः 9 बजे से श्री राधा कृष्ण मंदिर सत्संग, महेश कॉलोनी, महेश नगर, पुलगांव, दुर्ग* में किया जाएगा।

इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के समस्त जनमानस को जगद्गुरु श्री के दिव्य प्रवचनों, दर्शन, आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं उपासक दीक्षा का लाभ प्राप्त होगा। राज्य भर में जगद्गुरु श्री के आगमन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन स्थल पर विशाल भंडारे की भी व्यापक तैयारियाँ एक दिन पूर्व से प्रारंभ की जाएंगी।

सनातन धर्म में मान्यता है कि स्वामी रामानंद के रूप में स्वयं भगवान श्रीराम ने पृथ्वी पर अवतार लिया। अगस्त संहिता में उल्लेख है —

“रामानंदः स्वयं रामः, प्रादुर्भूतो महीतले।”

अर्थात स्वयं श्रीराम ही रामानंद के रूप में धरती पर अवतरित हुए। ऐसे परमात्मा स्वरूप रामानंदाचार्य की परंपरा में विराजमान जगद्गुरु नरेंद्राचार्य जी श्री दक्षिण पीठ, नाणीजधाम महाराष्ट्र के पीठाधीश्वर हैं।

अंधश्रद्धा निर्मूलन उपक्रम के अंतर्गत आयोजन

जगद्गुरु नरेंद्राचार्य महाराज संस्थान, नाणीजधाम के अंधश्रद्धा निर्मूलन उपक्रम के अंतर्गत 4 जून (गुरुवार) को प्रातः 9 बजे से यह एक दिवसीय आयोजन संपन्न होगा। इस उपक्रम का मूल उद्देश्य मानव जीवन से अंधश्रद्धा को दूर कर आध्यात्म और विज्ञान के संतुलन के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देना है।

जगद्गुरु श्री अपने प्रवचनों के माध्यम से बंधुत्व, प्रेम, सामाजिक समन्वय, संस्कृति संरक्षण और वैदिक संस्कारों का संदेश देते हुए देश-विदेश में जनजागरण कर रहे हैं। उनके विचारों से आज करोड़ों भक्त लाभान्वित हो रहे हैं। जगद्गुरु श्री का संदेश है —

“मन को अध्यात्मवादी, दृष्टि को विज्ञानवादी और बुद्धि को वास्तविकवादी रखें।”

 

जगद्गुरु श्री प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनकर शास्त्रसम्मत एवं आध्यात्मिक-वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनका कहना है कि अंधश्रद्धा के मार्ग पर चलकर मनुष्य अपने जीवन को और अधिक दुःखमय बना लेता है, जबकि सही मार्गदर्शन से वह सुख, शांति और मोक्ष की दिशा में अग्रसर हो सकता है।

उनके अनुसार, अंतरमन और बहिरमन की एकाग्रता भक्ति से संभव है, जिससे निर्णय क्षमता बढ़ती है, संयम आता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होते हैं।

तीन सरल सूत्रों का आह्वान

जगद्गुरु श्री ने संतुलित जीवन के लिए तीन सरल सूत्र बताए हैं —

प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट अपने इष्टदेव की एकाग्र भक्ति

, स्वप्न में भी किसी का अहित न सोचना एवं

“तुम जियो और दूसरों को जीवन दो”

इन सिद्धांतों को अपनाकर व्यक्ति सांसारिक और आध्यात्मिक जीवन में संतुलन स्थापित कर सकता है।

व्यापक सामाजिक सेवा कार्य

जगद्गुरु श्री की प्रेरणा से ज.न.म. संस्थान द्वारा देश-विदेश में अनेक सामाजिक उपक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख हैं —

निःशुल्क अन्नदान सेवा

आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को के.जी. से स्नातक तक निःशुल्क शिक्षा

राष्ट्रीय राजमार्गों पर निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा

निःशुल्क रक्तदान शिविर

प्राकृतिक आपदाओं में सहायता

वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण

निःशुल्क वैद्यकीय सेवाएं

अब तक 1,54,591 से अधिक परिवारों की घर-वापसी, 207 देहदान, 156 अवयव दान तथा जनवरी 2026 में मात्र 15 दिनों के भीतर 1,71,150 यूनिट रक्तदान जैसे ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी कार्य संपन्न किए गए हैं। साथ ही जगद्गुरु श्री की प्रेरणा से पशु-पक्षियों हेतु मात्र 15 दिनों में 10,346 जलस्थलों का निर्माण कर जल सेवा का कार्य भी किया गया, जो समाज सेवा एवं मानवता के क्षेत्र में एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।

रामानंद संप्रदाय छत्तीसगढ़ के उपपीठ प्रमुख श्री घनश्याम माहेश्वरी, पीठ सदस्य श्री सचिदानंद उपासने, पीठ सह प्रमुख श्री मुन्नालाल मोटघरे, पीठ व्यवस्थापक श्री प्रकाश अंगाड़ी सहित दुर्ग संभाग एवं समस्त जिलों के अध्यक्ष, निरीक्षक एवं समिति सदस्यों ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से समारोह में उपस्थित होकर आध्यात्मिक मार्गदर्शन, साधक दीक्षा एवं आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

निःशुल्क समस्या मार्गदर्शन पर्ची 4 जून को प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर वितरित की जाएगी तथा दीक्षा की प्रक्रिया प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगी।

— रामानंद संप्रदाय, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ पीठ प्रमुख, समस्त पीठ समिति, पदाधिकारी एवं समस्त भक्तगण

राजकुमार पवार

अध्यक्ष

भक्त सेवा समिति दुर्ग

+91 99265 45956

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