June 5, 2026

किसान बनकर पहुंचे उप संचालक कृषि, कालाबाजारी का खुला बड़ा खेल…

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  • एमआरपी से तीन गुना कीमत पर बिक रही थी यूरिया, 1446 बोरी खाद जब्त कर गोदाम सीलबंद

जांजगीर-चांपा। खरीफ सीजन से पहले किसानों को राहत पहुंचाने और खाद की कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए कृषि विभाग ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने मुनाफाखोरी के खेल में लगे कारोबारियों के होश उड़ा दिए। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर उप संचालक कृषि राकेश शर्मा स्वयं किसान बन कर जिले के एक उर्वरक विक्रेता के यहां पहुंचे और मौके पर ही कालाबाजारी के बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया।

सूत्रों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में उप संचालक कृषि ने किसान बनकर नानकचंद नंदकिशोर कृषि केंद्र से यूरिया खरीदने का प्रयास किया। विक्रेता ने उन्हें सामान्य किसान समझते हुए 266.50 रुपये मूल्य की एक बोरी यूरिया 850 रुपये में बेच दी। निर्धारित दर से लगभग तीन गुना अधिक मूल्य वसूले जाने की पुष्टि होते ही उप संचालक कृषि ने तत्काल उर्वरक निरीक्षकों की टीम को मौके पर बुलाया और जांच शुरू कराई।

जांच में उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान के गोदाम में रखी 1446 बोरी रासायनिक खाद जब्त कर ली गई तथा गोदाम को सीलबंद कर दिया गया।

जब्त किए गए उर्वरकों में 1141 बोरी यूरिया (एचयूआरएल एवं एनएफएल), 252 बोरी एसएसपी, 33 बोरी डीएपी तथा 20 बोरी एमओपी शामिल हैं। कृषि विभाग की इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने कहा कि किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरकों की कालाबाजारी, कृत्रिम कमी पैदा करने और अधिक मूल्य वसूलने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद-बीज खरीदें तथा प्रत्येक खरीद का पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। कहीं भी अधिक मूल्य वसूले जाने अथवा खाद की कालाबाजारी की जानकारी मिलने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें।

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