मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन, 130 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया भाग…
- मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन, 130 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया भाग*
- दुर्ग पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों ने सहभागिता की*।
- ▪️ *ब्रह्माकुमारीज सिक्योरिटी सर्विस विंग के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण एवं कार्य-जीवन संतुलन विषय पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।*
- ▪️ *कार्यशाला में पुलिस कर्मियों को नियमित आत्मचिंतन, योग, व्यायाम, ध्यान एवं सकारात्मक सोच को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।*
- ▪️ *कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस बल की कार्यक्षमता, धैर्य, निर्णय क्षमता एवं मानसिक दृढ़ता बढ़ाने हेतु “30-30 मिनट नियम” सहित विभिन्न उपयोगी सुझाव साझा किए गए*।
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग के निर्देशन में दिनांक 10 जून 2026 को रक्षित केंद्र दुर्ग के प्रशासनिक भवन स्थित दधीचि प्रशिक्षण हॉल में ब्रह्माकुमारीज सिक्योरिटी सर्विस विंग द्वारा पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के लिए निःशुल्क “मेंटल हेल्थ” जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पुलिस के लगभग 130 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारीज सिक्योरिटी सर्विस विंग के कैप्टन शिव एवं दीदी प्राची द्वारा पुलिस कर्मियों को तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व तथा कार्य-जीवन संतुलन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि पुलिस सेवा में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों एवं दबावपूर्ण वातावरण में कार्य करते हैं, ऐसे में मानसिक रूप से स्वस्थ एवं संतुलित रहना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला में नियमित व्यायाम, योग, ध्यान, सकारात्मक संवाद एवं आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ परामर्श लेने के महत्व पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि दैनिक जीवन में घटित होने वाली घटनाओं पर नियंत्रण संभव नहीं होता, किंतु उन घटनाओं के प्रति अपनी प्रतिक्रिया को सकारात्मक एवं संतुलित रखा जा सकता है। इसी सोच के साथ जीवन एवं कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आत्मचिंतन, फिटनेस, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं तनाव प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने पुलिस कर्मियों को प्रतिदिन 30 मिनट आत्मचिंतन एवं 30 मिनट शारीरिक गतिविधियों के लिए निर्धारित करने की सलाह दी, जिससे कार्यक्षमता, धैर्य एवं निर्णय क्षमता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
▪️ कारण :
पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना तथा तनाव प्रबंधन संबंधी जागरूकता बढ़ाना।
▪️ स्थल :
रक्षित केंद्र दुर्ग, प्रशासनिक भवन स्थित दधीचि प्रशिक्षण हॉल।
▪️ सराहनीय भूमिका :
रक्षित केंद्र दुर्ग एवं ब्रह्माकुमारीज सिक्योरिटी सर्विस विंग द्वारा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), उप पुलिस अधीक्षक (लाइन), रक्षित निरीक्षक सहित जिला पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही।
▪️ दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस सभी नागरिकों एवं पुलिस कर्मियों से अपील करती है कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्व दें। नियमित व्यायाम, योग, ध्यान एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर स्वयं को स्वस्थ एवं तनावमुक्त रखें तथा आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ परामर्श लेने में संकोच न करें।
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