June 11, 2026

धमतरी पुलिस की वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मिला नया बल, NAFIS एवं फिंगर प्रिंट तकनीक पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित…

IMG-20260611-WA0035
  • एसपी धमतरी के उपस्थिति में पुलिस मुख्यालय के फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट डीएसपी राकेश नरवरे ने अधिकारियों- कर्मचारियों को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण*
  • एसपी श्री सूरज सिंह परिहार ने घटना स्थल से साक्ष्य संरक्षण, चांस प्रिंट संकलन एवं NAFIS अपलोडिंग की प्रक्रिया को गंभीरता से सीखने के दिए निर्देश*

 

पुलिस मुख्यालय नया रायपुर के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में आज पुलिस कार्यालय धमतरी में NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पुलिस मुख्यालय से आए फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट डीएसपी श्री राकेश नरवरे द्वारा जिला NAFIS कार्यालय, MCU/CrPI शाखा एवं अभियोजन कार्यालय का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फिंगर प्रिंट संकलन एवं घटनास्थल निरीक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

 

प्रशिक्षण के दौरान चांस प्रिंट के संरक्षण, फिंगर प्रिंट डेवलपमेंट, आदर्श अंगुली चिन्ह पर्णी तैयार करने, अज्ञात मृतकों के चर्म-पोरों को सुरक्षित रखने तथा NAFIS प्रणाली में फिंगर प्रिंट अपलोडिंग एवं राष्ट्रीय स्तर पर मिलान की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन एवं फिंगर प्रिंट डेवलपमेंट का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया।

फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट डीएसपी श्री राकेश नरवरे ने बताया कि NAFIS तकनीक के माध्यम से अब देशभर के उपलब्ध रिकॉर्ड से ऑनलाइन एवं त्वरित फिंगर प्रिंट मिलान संभव होगा,जिससे अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी की प्रक्रिया और अधिक त्वरित, सटीक एवं प्रभावी होगी, साथ ही वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के सुदृढ़ संकलन के माध्यम से न्यायालय में दोषसिद्धि की दर में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों- कर्मचारियों की जिज्ञासाओं का भी व्यावहारिक समाधान किया गया।

 

पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य अपराध अनुसंधान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने सभी विवेचना अधिकारियों को घटनास्थल से प्राप्त फिंगर प्रिंट एवं अन्य साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण कर NAFIS प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, डीएसपी श्री राकेश नरवरे, डीसीबी प्रभारी तथा जिले के विभिन्न थानों एवं चौकियों से नामांकित विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

“वैज्ञानिक जांच, सशक्त अनुसंधान – आधुनिक पुलिसिंग की पहचान” :::

You may have missed