जिला निर्वाचन अधिकारी बी.एस. उइके ने ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण…
गरियाबंद, 11 जून 2026/भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बीएस उइके ने तहसील कार्यालय परिसर स्थित ईवीएम, वीवीपीएटी वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सील बंद वेयर हाउस में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वेयरहाउस में सीसीटीवी के माध्यम से भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
निरीक्षण के दौरान सभी सुरक्षा व्यवस्था सही पाए गए। कलेक्टर ने वेयरहाउस में रखे गए निर्वाचन सामग्रियों के सुरक्षा के लिए निरंतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती ऋषा ठाकुर सहित राजनीतिक दल के प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
जिला पंचायत सीईओ श्री चंद्राकर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न
बिहान मिशन की प्रगति और नई कार्ययोजना पर ली गई समीक्षा बैठक
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर
गरियाबंद, 11 जून 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, लक्ष्य अनुरूप प्रगति एवं आगामी रणनीतियों पर चर्चा के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर की अध्यक्षता में जिला पंचायत गरियाबंद के सभाकक्ष में एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में जिले के समस्त विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक, आईएफसी एंकर, क्षेत्रीय समन्वयक, पीआरपी, वरिष्ठ सीआरपी, एफपीओ एवं एफपीसी-सीईओ सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री चंद्राकर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विकासखण्डों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आईएफसी की प्रगति एवं नवीन प्रस्ताव, लखपति दीदी एवं लखपति ग्राम की प्रगति, 10 के एफपीओ एवं एफपीसी की स्थिति, प्रोड्यूसर ग्रुप का गठन एवं संचालन, एसवीईपी एवं ओएसएफ गतिविधियां, फार्म एवं नॉन-फार्म आजीविका, एसआईएसडी लक्ष्य, समूह सैचुरेशन, सीएलएफ ट्रांजेक्शन एंट्री, मॉडल सीएलएफ एमपीआर प्रविष्टि, बैंक लिंकेज, एंटरप्राइज फाइनेंस तथा एनपीए की स्थिति सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। श्री चंद्राकर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।
उपार्जन केंद्र ढोर्रा और सीनापली में धान के रख-रखाव में बड़ी अनियमितता
धान खरीदी में बड़ी अनियमितता उजागर, दो उपार्जन केंद्रों में भारी शॉर्टेज
ढोर्रा और सीनापली केंद्रों में 4 हजार 265 क्विंटल धान कम मिला
1 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की क्षति
जांच में सामने आई धान की भारी कमी, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई तेज, धान उपार्जन में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
गरियाबंद, 11 जून 2026/ जिले के धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान उपार्जन कार्यों की समीक्षा एवं जांच में उपार्जन केंद्र ढोर्रा और सीनापली में भारी मात्रा में धान की कमी (शॉर्टेज) पाई गई है। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों उपार्जन केंद्रों में निर्धारित मात्रा के अनुसार धान उपलब्ध नहीं है। जिससे समिति को आर्थिक क्षति हुई है।
भौतिक सत्यापन के अनुसार उपार्जन केंद्र ढोर्रा में कुल 83 हजार 449.60 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी। जबकि जांच के दौरान 2 हजार 113.24 क्विंटल धान कम पाया गया। इससे समिति को 65 लाख 51 हजार 44 रुपये की वित्तीय हानि हुई है। इसी प्रकार सीनापली उपार्जन केंद्र में कुल 87 हजार 26 क्विंटल धान खरीदी दर्ज की गई है। जबकि 2 हजार 151.96 क्विंटल धान की कमी पाई गई। जिससे समिति को 66 लाख 71 हजार 76 रुपये का नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि नियमानुसार धान उपार्जन में सुखत (ड्रायेज) मान्य नहीं है। इसके बावजूद दोनों केंद्रों में इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी पाया जाना गंभीर अनियमितता की ओर संकेत करता है।
कलेक्टर श्री बीएस उइके के निर्देश पर सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त सुश्री महेश्वरी तिवारी द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए धान की कमी के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अभियोजन सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई किए जाने के लिए शाखा प्रबंधक गोहरापदर को निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि धान उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या वित्तीय क्षति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा तथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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समाचार
15 अगस्त तक मत्स्याखेट प्रतिबंधित
नियम का पालन नहीं करने पर कारावास अथवा 25 हजार रूपये का जुर्माना भी हो सकता है
गरियाबंद, 11 जून 2026/ मछली पालन विभाग के सहायक संचालक श्री गिरिश वर्मा ने बताया कि वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को ध्यान में रखते हुये उन्हें संरक्षण देने के लिए राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत् दिनांक 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है। इस दौरान प्रदेश के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों में जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर, सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। उन्होने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र (संशोधित) अधिनियम के अंतर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 25 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनो एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होगें।
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