वन विभाग के ऑक्सन हॉल में करियर काउंसलिंग का सेमिनार सम्पन्न…
- कलेक्टर, एसपी, सीईओ, डीएफओ ने विद्यार्थियों को दिए टिप्स
- डिजिटल क्लास से होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
- करियर काउंसलिंग सेमिनार में जिले के विद्यार्थियों ने लिया बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
- 22 जून से शुरू होंगी क्लास
गरियाबंद, 12 जून 2026/ जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर और आधुनिक तैयारी उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आज जिला मुख्यालय गरियाबंद के वन विभाग परिसर स्थित ऑक्सन हॉल में करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। इस सेमिनार में जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहित किया गया।
कलेक्टर श्री बीएस उइके ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपनी रुचि को पहचाने कि वो किस फिल्ड में जाना चाहते है। इसके लिए उन्हें स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आधारभूत ज्ञान से शुरू होती है, इसलिए विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकों का नियमित अध्ययन करना चाहिए। इसके साथ ही प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने, समसामयिक घटनाओं की जानकारी रखने तथा लेख और संपादकीय पढ़ने की आदत डालने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रीलिम्स, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षा की प्रकृति अलग होती है, इसलिए उसकी तैयारी भी योजनाबद्ध तरीके से करनी चाहिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर उपस्थित थे।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अध्ययन, अनुशासन और कड़ी मेहनत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने बेसिक्स मजबूत करने तथा नियमित अभ्यास के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में पढ़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में भी जानकारी दी गई। एआई तकनीक का उपयोग अध्ययन सामग्री तैयार करने, विषयों को बेहतर ढंग से समझने, अभ्यास प्रश्नों के समाधान खोजने तथा अपनी कमजोरियों की पहचान कर तैयारी को और प्रभावी बनाने में किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
वनमंडलाधिकारी श्री शशिगानंद के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री वरुण जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर तथा डीएसपी सुश्री गरिमा दादर ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनने तथा समय का सदुपयोग करने की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह अकादमी एक बेहतर अवसर प्रदान करेगा। जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने तकनीक और एआई का सकारात्मक उपयोग करते हुए निरंतर सीखने की आदत विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में रेस रत्नगर्भा अकादमी फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं तथा आगामी कक्षाओं की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन द्वारा गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग और फिंगेश्वर विकासखंड में रेस रत्नगर्भा अकादमी फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम की शुरुआत की जा रही है। अकादमी की नियमित कक्षाएं 22 जून 2026 से प्रारंभ होंगी, जहां विद्यार्थियों को एआई आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इस दौरान जिला पंचायत के उप संचालक श्रीमती पदमिनी हरदेल एवं कार्यक्रम का संचालन डीपीएम श्री पतंजल मिश्रा ने किया।

