July 1, 2026

आज का मौसम, 24 जून: बुधवार को इन इलाकों में होगी झमाझम बारिश, गरज-चमक के साथ चलेंगी तेज हवाएं…

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नई दिल्ली: आईएमडी के मुताबिक महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, गोवा और विदर्भ के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के कुछ क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है।

कल का मौसम, 24 जून: बुधवार को इन इलाकों में होगी झमाझम बारिश, गरज-चमक के साथ चलेंगी तेज हवाएं

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा प्रेस रिलीज के अनुसार, 24 जून को देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने के आसार हैं। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मैदानी क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं और स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।

मध्य और पश्चिम भारत में मॉनसून की प्रगति जारी रहने के कारण महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, गोवा और विदर्भ के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के कुछ क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में मॉनसून के सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

 

हिमाचल-कश्मीर में बारिश के आसार

उत्तर भारत में मौसम मिश्रित रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पंजाब-हरियाणा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है, हालांकि पश्चिमी और तराई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में छिटपुट वर्षा जबकि पश्चिमी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।

राजधानी दिल्ली के मौसम का हाल

राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में मंगलवार दोपहर बारिश होने से तापमान में काफी गिरावट आई। मौसम विभाग ने आगे भी तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। आईएमडी की ओर से दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बीच तेज हवाएं चलने से चढ़ रहे पारे से राहत मिली। आईएमडी के आंकड़ों से पता चला है कि शहर के कई हिस्सों में तापमान में काफी गिरावट आई है। तेज हवाएं चलने के बाद पालम में तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सफदरजंग में सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सबसे अधिक गिरावट अयानगर में दर्ज की गई, जहां आंधी के बाद तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस से 14.9 डिग्री गिरकर 25.7 डिग्री हो गया। दिल्ली में मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

जानिए मुंबई में कैसा रहेगा मौसम

मुंबई के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह मध्यम बारिश हुई। दक्षिण मुंबई और पश्चिमी उपनगरों के क्षेत्रों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पूरे दिन हल्की बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। मुंबई के लिए मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि बादलों की वर्तमान स्थिति शहर में तुरंत किसी भारी बारिश की गतिविधि का संकेत नहीं देती है। मुंबई और आस-पास के इलाकों में दिन के दौरान रुक-रुक कर हल्की बौछारें जारी रहने की उम्मीद है। अधिकारियों ने मंगलवार और बुधवार के लिए मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नागरिकों को बारिश के दौरान यात्रा करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस बारिश से पूरे शहर में उमस भरे माहौल से राहत मिली।

ओडिशा में बारिश की कमी से निपटने की तैयारी

ओडिशा सरकार ने अल नीनो के कारण होने वाली संभावित बारिश की कमी से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार ने देवगढ़, सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, कोरापुट, रायगड़ा, मलकनगिरी तथा नबरंगपुर जिलों को विशेष निगरानी में रखा है। राज्य के उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने कहा कि सरकार ने बुवाई में देरी, खेतों में नमी की कमी, जलाशयों के गिरते जल स्तर और कीटों के संभावित प्रकोप से निपटने के लिए एक व्यापक आकस्मिक योजना तैयार की है। खरीफ 2026 की तैयारियों के तहत, राज्य ने 57 लाख 88 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेती का लक्ष्य तय किया है और रियायती दरों पर प्रमाणित बीजों के वितरण की व्यवस्था की है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 14,350 क्विंटल बीजों का एक रणनीतिक भंडार बनाया गया है, जिसमें 7,500 क्विंटल धान और 6,850 क्विंटल गैर-धान के बीज शामिल हैं। उर्वरकों की अनुमानित 11 लाख 42 हजार टन की मांग के मुकाबले 6 लाख 40 हजार टन खाद पहले ही किसानों को उपलब्ध करा दी गयी है।

 

 

 

 

 

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