July 1, 2026

आज का मौसम, 1 जुलाई: बुधवार को इन इलाकों में होगी झमाझम बारिश, तेज हवाएं चलने का अलर्ट…

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नई दिल्ली: पूर्वी और मध्य भारत में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा का अनुमान है। बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

1 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा प्रेस रिलीज में यह बताया गया है। बुधवार को उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। साथ ही, कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक, बिजली गिरने व 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर अच्छी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

पूर्वी और मध्य भारत में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा का अनुमान है। बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। इन क्षेत्रों में लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

गुजरात, महाराष्ट्र में कैसा रहेगा मौसम

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मॉनसून की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी भारत में गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में कई स्थानों पर बारिश होगी। गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा की आशंका है। इन क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

कर्नाटक, तेलंगाना के मौसम का हाल जानिए

दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में व्यापक वर्षा जारी रहने का अनुमान है। केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई है। आईएमडी ने मछुआरों, पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वालों और निचले इलाकों के निवासियों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने व अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

 

यूपी में सक्रिय हुआ मॉनसून

उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय होने के साथ बारिश की रफ्तार बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में बरेली में सर्वाधिक 157 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि तालबेहट, निगहासन, मोहम्मदी, पलियाकलां, अयोध्या, टांडा, गोंडा और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में मॉनसून प्रदेश के शेष हिस्सों में भी सक्रिय हो जाएगा, जिससे अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। आईएमडी के जुलाई पूर्वानुमान के मुताबिक देशभर में कुल वर्षा सामान्य से कम रह सकती है, हालांकि उत्तर-पश्चिम, पूर्व-मध्य और पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं।

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन से भारी तबाही

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से 14 गांवों के 3,100 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। नारी-कोयू क्षेत्र में धान के खेतों, कृषि भूमि, निजी संपत्ति और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। तबिरीपो साकू, लोग्लू, रोटे, रामे और कोयू समेत कई गांवों का सड़क संपर्क टूटने से करीब 500 परिवार अलग-थलग पड़ गए हैं। कई वाहन और पशु बाढ़ में बह गए, दो मकान जलकर नष्ट हो गए। बिजली, पेयजल और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन, सेना, आईटीबीपी, बीआरओ, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक राहत व सड़क बहाली अभियान में जुटे हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों के लिए राहत, मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू कर रहा है।