एक जुलाई को शहीद दिवस मनाने भिलाई चलो…
- 1 जुलाई दिन बुधवार की सुबह 10 बजे भिलाई पावर हाऊस के छावनी लाल मैदान में एकत्रित होंगे।
- दोप. 11:30 बजे रेल्वें स्टेशन के प्लेट फार्म नं. 1 में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
दोपहर 1 बजे भिलाई पावर हाऊस से रैली प्रारंभ होगी। शहीद शंकर गुहा नियोगी (ए.सी.सी.) चौक में होगी सभा।
सहोद शंकर मुझ नियोगी साथियों,अवगत हो कि भिलाई पावर हाऊस में 1 जुलाई 1992 को तत्कालिन भाजपा की सरकार द्वारा जीने लायक वेतन तथा श्रम प्रावधानों को लागू कराने की मांगो को लेकर आंदोलनरत मजदूरो पर गोली चलवाकर 17 मजदूरो की हत्या की गई, सैंकड़ो मजदूरो को गंभीर रूप से घायल किया गया तथा सैंकड़ो लोगो को गिरफ्तार किया गया, उन शहीद मजदूरो की याद में शहीद दिवस आयोजित है।
मजदूर चौतरफा बढ़ती महंगाई, गहराते आर्थिक संकट, घटती मजदूरी, 12 घण्टे काम ओव्हर टाईम के लिए दोगुनी मजदूरी, सोशल सिक्युरिटी, छटनी तथा बढती बेरोजगारी आदि से जूझ रहे है, इस पृष्ठभूमि मे खासकर उत्तर भारत मे पानीपत, बरौनी आयल रिफायनरी, सूरत मे मित्तल स्टील प्लांट से लेकर मानेसर, नोयडा तथा उत्तराखंड तक मजदूरों ने स्वतः स्फूर्त आंदोलन किये, मजदूर वेतन बढाने बीस हजार महीना मीनिमम वेज जैसे अधिकारों के लिए संघर्ष किये ।
बढ़ती बेरोजगारी, बार-बार पेपर लीक आदि के खिलाफ देश के युवाओं का विरोध बढ रहा है, बुलडोजर राज, गरीबों और मेहनतकश लोगों की रोजी-रोटी और सम्मान के लिए गंभीर खतरा बन गया है, 4 लेबर कोड लागू किए जा रहे हैं, मनरेगा को खत्म करके वीबी ग्राम जी लाया जा रहा है, कार्पोरेट की पकड़ और मजबूत हो गई है, लोकतंत्र तथा संविधान बदलने की प्रक्रिया तेजी से जारी है, मोदी सरकार ने अमेरिका, ईजराइल के साथ अपनी राजनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया है और तमाम धमकियो के समक्ष पूरी तरह से समर्पण कर दिया है।
मोदी सरकार 4 श्रम कोड लागू करने मीडिया तथा अपने अन्य माध्यमो से प्रचार किये की मजदूरो को 20 हजार, 22 हजार, 24 हजार वेतन दिया जाएगा लेकिन हकीकत यह है कि मजदूरो को अभी तक 15 हजार रूपये से अधिक नहीं मिल रहा है, इसलिए रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र के क्रेस्ट कंपनी के 600 मजदूरो ने कंपनी के अंदर व बाहर दिन रात 12 दिनों तक धरना प्रदर्शन किये तब श्रमिको को वर्गीकरण, (कुशल, उच्च कुशल) की श्रेणी तथा बैलेंसशीट के अनुसार बोनस व वेतन बढ़ोतरी की प्रक्रिया श्रम विभाग द्वारा प्रारंभ की गई, क्रेस्ट कंपनी के मजदूरो ने जीत हासिल किये अब सोना बेवरेज तथा टापवर्थ स्टील के मजदूरो की बारी है।
वेलकम डिस्टलरी कोटा बिलासपुर के मजदूरो ने संघर्ष कर नया एग्रीमेन्ट करा लिये, कुल 600 मजदूरो में से 300 से अधिक मजदूर न्युनतम वेतन से अधिक 550, 600, 650 रूपए प्रतिदिन की दर से प्राप्त कर रहे हैं, उन श्रमिको ने साढ़े चौदह प्रतिशत की दर से बोनस 20 हजार से 25 हजार रूपये तक प्रत्येक श्रमिको ने प्राप्त किये है। इसी तरह मजदूरो को कम्पनी मालिको व श्रम विभाग के भरोसे ना रहकर एकजुटता से संघर्ष करना होगा।
भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका मजदूरो से प्रतिमाह 5 हजार, 6 हजार रूपये वेतन में से वापस लिया जा रहा है इस तरह बीएसपी में 20 हजार से अधिक मजदूर पीड़ित है, इस संबंध में ठेकेदार त्रिलोकी सिंह, जी.आर. इंटरप्राईजेस के विरूद्ध केन्द्रीय उप श्रमायुक्त रायपुर तथा पुलिस में भी रिपोर्ट हो चुकी है, उन सभी मजदूरों को संगठित होकर संघर्ष करना होगा।ए.सी.सी. सीमेन्ट जामुल भिलाई कंपनी द्वारा श्रमिको के वेतन में काफी अंतर रखा गया है, इसलिए सभी श्रमिको को सीमेन्ट वेज बोर्ड लागू कराने संघर्ष करना होगा ।
कुम्हारी डिस्टलरी के 1152 मजदूरों को हाईकोर्ट के आदेशानुसार बिना काम पर लिये साढ़े पांच वर्षों तक वेतन देना पड़ा उन मजदूरों का तथा सिम्पलेक्स, बी.के., भिलाई वायर्स सहित 12 कंपनियों के प्रकरण सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में विचाराधीन है, इन श्रमिकों को भी ऑक्सीजन कंपनी कुम्हारी के श्रमिकों की तरह न्याय मिलने की संभावना है। उसके लिए श्रमिकों को एकजुटता से संघर्ष करना होगा।
दुर्गा टोबेको चेतना बिड़ी डोंगरगढ़ कंपनी के मालिक बम्लेश्वरी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष श्री नटवर भाई पटेल द्वारा बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाये श्रमिको को काम से बंद किया था, इसलिए श्रमिकगण छ.ग. मुक्ति मोर्चा की यूनियन छत्तीसगढ़ बिड़ी मजदूर संघ से जुड़कर मैदानी संघर्ष के अलावा लेबर कोर्ट, हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट से श्रमिको के पक्ष में आदेश पारित किया गया इस दौरान कंपनी मालिक बिड़ी का व्यवसाय बंद कर लापता हो गये इसलिए लेबर कमिश्रर नया रायपुर द्वारा कंपनी की प्रापर्टी कुर्की कर श्रमिक उषा बडोले सहित सभी श्रमिको को 2 लाख 23 हजार कुल 64 लाख 68 हजार रूपयें भुगतान कराने के आदेश जिला कलेक्टर राजनांदगांव को भेजा गया उक्त कंपनी परिसर में श्री प्रकाश बिंदल फर्नीचर का व्यवसाय कर रहे है वसुली की कार्यवाही जारी है।
ज्योति स्ट्रेक्चर्स सरोरा, रायपुर संस्थान द्वारा श्रमिको को अवैध रूप से बंद किया था प्रकरण श्रम न्यायालय, औद्योगिक न्यायालय तथा हाईकोर्ट के आदेशानुसार श्रमिक संतोष रजक सहित १० श्रमिको को बिना काम पर लिए नौकरी से निकाले जाने के समय का वेतन प्रतिमाह 14 वर्षों तक भुगतान करना पड़ा यह प्रकरण हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में विचाराधीन है। इस तरह कुणाल पाईप, विद्या सागर, सिम्प्लेक्स मेटल, संगम फोरजिंग, पीएस ट्यूब्स, ओरियन्ट इस्पात, सोना बेवरेज, जयश्री साल्वेक्स, शिव स्नैक्स, वदित स्नैक्स, एफसीआई दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर, बोरई, स्टेट वेयर हाऊस, पंडरिया, धरसींवा, गुढ़ियारी रायपुर, राजाराम मेझ प्रोडक्टस, शालीमार, खेतान केमिकल्स, वर्धमान रोप्स, भिलाई कंडक्टर, बलीराम एंड सन्स, वेलकम डिस्टलरी, अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय, मानसिक चिकित्सालय बिलासपुर, विमला इंफ्रास्ट्रक्चर्स, सफायर वेंचर्स, रायल टच, युगबोध ऑफसेट, स्पंज आयरन गोढ़ी, कचरा संग्रहण केन्द्र नगर निगम राजनांदगांव पशु प्रजनन केन्द्र अंजोरा, सोलर प्लांट खैरझिटी तथा जयश्री ग्रेन महमरा आदि कंपनियों के श्रमिको का संघर्ष जारी है। संघर्ष में हम है आपके साथी।
1 जुलाई शहीद दिवस अमर रहें
भवदीय
शहीद शंकर गुहा नियोगी अमर रहें।
का. तुलसी देवदास, पुनाराम साहू, सनत जंघेल, मोहम्मद अली, धनंजय शर्मा, संतोष यादव, बिरेन्द्र साहू, सुरज बक्श सिंग, अश्वनी चौहान, दिलीप पारकर, खेमलाल पारकर, सतीश साहू, लावस साहू, भोजराम साहू, डोमार साहू, सीमा पनिका, लाला राम निषाद, गोविन्द निषाद, पुसई निषाद, गोपाल उमरे, नकुल यादव, हेमंत भारती, भंगवतीन कुर्रे, शिशुपाल साहू, ओखलेश साहू, रमेश निषाद, मिलऊ राम, लक्ष्मी खोब्रागढ़े, द्वारिका बारले, पुनीत यादव, पिन्टू गुप्ता, गजेन्द्र साहू, विनोद बांधे, दिनेश देवांगन, गणेश मेश्राम, मीना बाई सहारे, उषा बडोले, पुनाराम साहू, लेखु निर्मलकर, जलेसर साहू, बसंती सागर, गोविंद ठाकुर, दशमत बाई, कामेश्वरी बाई, पनमेश्वर घृतलहरे, हेमंत साहू, यश साहू, दिनेश्वरी, हेमलता, यदुमणी बरिहा, प्रहस्त बघेल, संतोष रजक, रामनाथ साहू, प्रदीप साहू, नरेन्द्र मरावी, रमाकांत राही, गंगाराम खूंटे, ललित मोहले, सुदामा बारमते, भागवत प्रेमी, शांति बाई, सुमित्रा बाई, हेमलता सिन्हा, रमेश पासवान, अशोक वर्मा, संजय कौशिक, अशवन टंडन, राकेश चतुर्वेदी।भिलाई, कुम्हारी जिला दुर्ग, उरला जिला रायपुर तथा टेडेसरा जिला राजनांदगांव आदि जगहों के मजदूरों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी था, उसे कुचलने भाजपा की सरकार द्वारा गोली चालन कराया गया, जिसमें 17 मजदूर शहीद हुए थे उनका शहीद दिवस प्रतिवर्षानुसार छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (समन्वय समिति) के नेतृत्व में 1 जुलाई 2026, दिन बुधवार को भिलाई पावर हाउस में आयोजित है उसके लिए मोर्चा के मजदूर किसान व समर्थकगण पावर हाउस के पास छावनी के लाल मैदान में सुबह 09:00 बजे से एकत्रित होंगे, वहां से शहीद परिवारों को लेकर गोलीकांड घटना स्थल रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक में करीब 11:30 बजे पहुंचेंगे वहां शहीदों के छांयाचित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित करके वापस पावर हाउस से रैली प्रारंभ करेंगे, जो छावनी चौक होकर शहीद शंकर गुहा नियोगी चौक पहुंचेंगे, वहां नियोगी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात श्रद्धांजलि सभा करेंगे ।
सभा को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (समन्वय समिति) के वरिष्ठ नेताओं के अलावा छत्तीसगढ़ के जन संगठनों के अनेक प्रतिनिधि तथा दीगर प्रांत के प्रतिनिधि भी संबोधित करेंगे ।
उन्होंने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मीडिया के माध्यम से फैलाया गया की मजदूरों को 20 हजार, 22 हजार, 24 हजार न्यूनतम वेतन की दर से भुगतान किया जाएगा किन्तु हकीकत यह है कि, मजदूरों को 15 हजार रू. भी नहीं मिल रहा है, जीवन यापन करना कठीन हो गया है क्योंकि महंगाई बढ़ गई है, उन्होंने मांग करते हुए कहा की केन्द्र व राज्य शासन का न्यूनतम वेतन एक समान किया जाए ।
उन्होंने काकरोज जनता पार्टी के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा की देश के युवाओं का भविष्य खतरे में है इसलिए पेपर लीक करने वाले तथा मंदिरों में चोरी करने वाले सत्ता के करीबी लोग हैं इसलिए युवाओं को संविधान के दायरे में रहकर संघर्ष करना होगा ।
उन्होंने यह भी कहा की भिलाई स्पात संयंत्र में परमानेन्ट कर्मचारीयों के अलावा 20 हजार से अधिक ठेका श्रमिक है उन्हें बैंक के माध्यम से न्यूनतम वेतन की दर से 674 रू. भुगतान किया जा रहा है जो प्रतिमाह 17,524 रू. में से ठेकेदार त्रिलोकी सिंग (जी.आर.इंटरप्राईजेस) द्वारा प्रत्येक श्रमिकों से