पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाईची से की मुलाकात, राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत…
- भारत दौरे पर आईं जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाईची का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
- जापानी पीएम सनाए तकाईची का भारत में औपचारिक स्वागत।
- राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।
- पीएम मोदी ने भारत-जापान साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया।
नई दिल्ली। भारत दौरे पर आईं जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाईची का आज राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। जापानी प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। स्वागत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री से अपने कैबिनेट सहयोगियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का परिचय कराया।
गुरुवार को तकाईची के नई दिल्ली पहुंचने पर जापान ने भारत आने को लेकर अपना उत्साह जाहिर किया। एक्स पर एक पोस्ट में जापानी कैबिनेट के पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर ने कहा, “आपके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए हमारा तहे दिल से शुक्रिया। हम भारत आने को लेकर बहुत उत्साहित हैं!” इससे पहले बुधवार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने तकाईची के पहुंचने पर उनका स्वागत किया।
जितेंद्र सिंह ने क्या कहा?
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “भारत सरकार की ओर से जापान की प्रधानमंत्री महामहिम सनाए तकाईची का नई दिल्ली के पालम टेक्निकल एयरपोर्ट पर स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। वे भारत की 3-दिवसीय यात्रा पर आई हैं, जिसमें 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होना भी शामिल है। दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को देखते हुए यह यात्रा खास महत्व रखती है।”
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में सनाए तकाईची का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें देश की उनकी पहली यात्रा पर उनकी मेजबानी करके बहुत खुशी हुई है और वे भारत-जापान स्पेशल स्ट्रैटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप को और मजबूत करने के मकसद से होने वाली बातचीत के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री सनाए तकाईची भारत में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। भारत की आपकी पहली यात्रा पर आपकी मेजबानी करके हमें खुशी हो रही है और मैं कल होने वाली हमारी व्यापक चर्चाओं का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं, जिनसे भारत-जापान की ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ और मजबूत होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हम अपनी संयुक्त कोशिशों से इंडो-पैसिफिक और उसके बाहर भी शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देना जारी रखेंगे।”