भिलाई महिला महाविद्यालय में “धरती का श्रृंगार – वन महोत्सव 2026” का भव्य आयोजन…
- जन्मदिवस पर पौधारोपण की अभिनव परंपरा ने दिया पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश
भिलाई महिला महाविद्यालय, भिलाई नगर में Beautification and Eco Club Cell के तत्वावधान में “धरती का श्रृंगार – वन महोत्सव 2026” का गरिमामय एवं प्रेरणादायी आयोजन उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, हरित परिसर की अवधारणा को सशक्त बनाना तथा महाविद्यालय परिवार में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय की अभिनव Best Practice के अंतर्गत मार्च से जुलाई माह के मध्य जन्मदिवस मनाने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने जन्मदिवस की स्मृति में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक प्रयास है, बल्कि महाविद्यालय में हरित संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण भी है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट के माननीय प्रबंधन न्यासी श्री विजय गुप्ता ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि वृक्ष मानव जीवन के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के प्रत्येक शुभ अवसर को पौधारोपण से जोड़े, तो पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है। उन्होंने महाविद्यालय की इस अभिनव पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी अनुकरणीय बताया।
भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट के सचिव श्री सुरेन्द्र गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व एवं प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विकास करना है। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस पर पौधारोपण जैसी सार्थक पहल विद्यार्थियों एवं समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा महाविद्यालय की यह परंपरा आने वाले समय में एक प्रेरणास्रोत बनेगी।
महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती प्रतिभा छाया क्लॉडियस ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि Beautification and Eco Club Cell द्वारा प्रारम्भ की गई यह Best Practice केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, उत्तरदायित्व और सतत विकास की भावना को जीवन का हिस्सा बनाने का अभियान है। उन्होंने सभी सदस्यों से लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यही पौधे भविष्य में महाविद्यालय की हरित पहचान बनेंगे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के 47वें स्थापना वर्ष का स्मरण करते हुए सामूहिक वृक्षारोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत जिन शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने पौधारोपण किया, उनमें डॉ. रूपम अजीत यादव, डॉ. राजश्री चंद्राकर, डॉ. भारती वर्मा, डॉ. भावना पाण्डेय, डॉ. राजश्री शर्मा, डॉ. हेमलता सिदार,डॉ. सलमा मोहम्मद शफी, डॉ. कंचना शाही, डॉ. सपना ठाकुर, डॉ. रंजना साहू, डॉ. निष्ठा वैद्य, डॉ. सुकन्या घोष, श्रीमती दिव्या पैकरा, डॉ. वर्षा चंद्राकर, डॉ. अर्चना शरण, सुश्री ज्योति शर्मा, सुश्री साधना गुप्ता, श्री युवराज सेन, श्री मोहनलाल साहू, श्रीमती विभा ताम्रकार, श्री मुकेश यादव, श्रीमती परमेश्वरी राणा, श्री टीकमचंद वर्मा, श्रीमती सविता, श्रीमती सत्यवती राजन तथा श्रीमती रोमा टंडन ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। इसके अतिरिक्त अगस्त माह में जन्मदिवस होने के बावजूद डॉ. सबीहा नाज़ एवं डॉ. भाग्यलक्ष्मी ने भी स्वेच्छा से पौधारोपण कर इस अभियान को और अधिक प्रेरणादायी बनाया।
कार्यक्रम का अत्यंत प्रभावशाली एवं गरिमामय मंच संचालन डॉ. दीप्ति चौहान द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर Beautification and Eco Club Cell की प्रभारी डॉ. अल्पना शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रबंधन समिति, प्राचार्या, उपप्राचार्या, समस्त प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस सफल आयोजन में डॉ. सरिता जोशी, डॉ. के. विजयश्री, श्रीमती आशा, श्रीमती नेहा की सक्रिय एवं सराहनीय सहभागिता रही।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि महाविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों की गरिमामयी एवं उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने आयोजन की शोभा में चार चाँद लगा दिए। सभी की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि महाविद्यालय परिवार की सामूहिक प्रतिबद्धता एवं जीवन-मूल्य है।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर के विकास तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित भविष्य के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।



