शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला : सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त…
- आदेश नहीं मानने पर ‘ब्रेक इन सर्विस’ और अनुशासनात्मक कार्रवाई
- एक सप्ताह के भीतर मूल पदस्थ संस्था में कार्यभार ग्रहण कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश, जुलाई माह का वेतन रोकने के भी आदेश
राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :– लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने शासकीय कार्यालयों एवं विद्यालयों में कार्यरत सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। संचालनालय द्वारा 14 जुलाई 2026 को जारी आदेश के बाद 15 जुलाई को एक और निर्देश जारी कर स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा में मूल पदस्थ संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
[pdf-embedder url=”https://kuberbhoomi.com/wp-content/uploads/2026/07/संलग्नीकरण-मे-विलंब-से-कार्यभार-ग्रहण-करने-वाले-कर्मचारियों-के-विर.pdf” title=”संलग्नीकरण मे विलंब से कार्यभार ग्रहण करने वाले कर्मचारियों के विर”]
संचालनालय के अनुसार सभी संलग्न गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर अपने मूल पदस्थ कार्यालय अथवा संस्था में कार्यभार ग्रहण कर ऑनलाइन एप के माध्यम से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। विभाग ने कहा है कि संलग्नीकरण समाप्त होने के बावजूद मूल संस्था में उपस्थित नहीं होना तथा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत कदाचार की श्रेणी में आता है।
[pdf-embedder url=”https://kuberbhoomi.com/wp-content/uploads/2026/07/गैर-शैक्षणिक-कर्मचारियों-के-संलग्नीकरण-समाप्त-करने-तथा-आनलाईन-उपस्थित-के-संबंध-में-2.pdf” title=”गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के संलग्नीकरण समाप्त करने तथा आनलाईन उपस्थित के संबंध में -2″]
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में मूल पदस्थ संस्था में उपस्थित नहीं होने और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले कर्मचारियों का जुलाई 2026 का वेतन रोक दिया जायेगा। साथ ही उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जायेगी।
इसके अगले दिन 15 जुलाई को जारी पत्र में लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जो कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के बाद कार्यभार ग्रहण करेंगे अथवा आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनके लिये समय-सीमा समाप्त होने से लेकर वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने तक की अवधि को ‘सेवा हरण (Break in Service)’ घोषित किये जाने का प्रस्ताव संचालनालय को भेजना सुनिश्चित करें।
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करायें, ताकि गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की मूल पदस्थ संस्थाओं में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।

