पीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग (PGCON), भिलाई में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) सीपीआर डे 2026 का आयोजन…
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) द्वारा मनाए जा रहे सीपीआर डे 2026 के अवसर पर पीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग (PGCON), भिलाई में नर्सिंग विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने तथा जीवनरक्षक कौशल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) पर एक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. कौशलेन्द्र ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ, जेएलएनएच एंड रिसर्च सेंटर, भिलाई थे। डॉ. उदय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ), जेएलएनएच एंड आरसी, भिलाई, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तथा श्री सुरेन्द्र गुप्ता, सचिव, भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। प्रशिक्षण सत्र का संचालन डॉ. कौशिक किशोर, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शिशु रोग विभाग, जेएलएनएच एंड आरसी, भिलाई ने अपनी टीम—डॉ. माला चौधरी (मुख्य परामर्शदाता), डॉ. रुचिका ताम्रकार, डॉ. अमृता जैन, डॉ. पूजा कुमारी एवं डॉ. आनंद विश्वकर्मा—के साथ किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत से हुआ, जिसके पश्चात “Every Second Counts” शीर्षक से एक सीपीआर जागरूकता वीडियो प्रदर्शित किया गया, जिसमें हृदयाघात जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर हस्तक्षेप के महत्व को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। इसके उपरांत दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के सम्मान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
पीजी काॅलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई की प्राचार्या डॉ. रोजा प्रिंसी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए नर्सिंग शिक्षा में सीपीआर प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति में समय पर एवं सही तरीके से दिया गया सीपीआर अनेक अमूल्य जीवन बचा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे संकट की घड़ी में त्वरित एवं प्रभावी सहायता प्रदान कर सकें।
इस अवसर पर श्री सुरेन्द्र गुप्ता, सचिव, भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट ने अपने उद्बोधन में सीपीआर को प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी के लिए एक अनिवार्य जीवनरक्षक कौशल बताते हुए विद्यार्थियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दक्ष एवं संवेदनशील स्वास्थ्य पेशेवर बनकर ही समाज की आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी सेवा की जा सकती है।
मुख्य अतिथि डॉ. कौशलेन्द्र ठाकुर ने अपने मुख्य उद्बोधन में नर्सिंग विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित उत्साह, ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि हृदय संबंधी आपातकालीन स्थितियों में समय पर एवं प्रभावी सीपीआर रोगी के जीवित रहने की संभावना को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने नैदानिक कौशल को निरंतर विकसित करने तथा गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हैंड्स-ऑन सीपीआर प्रशिक्षण सत्र रहा, जिसका संचालन डॉ. कौशिक किशोर एवं उनकी चिकित्सक टीम द्वारा किया गया। लाइव प्रदर्शन एवं प्रशिक्षकों की निगरानी में आयोजित व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों ने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) की सही तकनीकों को सीखा तथा हृदय संबंधी आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
नर्सिंग विद्यार्थियों ने पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में अत्यंत उत्साह एवं समर्पण के साथ सहभागिता की। उन्होंने सीपीआर तकनीकों का सक्रिय रूप से अभ्यास किया तथा इस अमूल्य जीवनरक्षक कौशल को सीखने के प्रति गहरी रुचि एवं प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
कार्यक्रम का समापन डॉ. जी. हेमावती, उप प्राचार्य, पीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों, संसाधन विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की। यह आयोजन नर्सिंग शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा भविष्य के स्वास्थ्य पेशेवरों को समय पर आपातकालीन हस्तक्षेप के माध्यम से जीवन बचाने हेतु आवश्यक दक्षता एवं आत्मविश्वास प्रदान करने की पीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रहा।

