जिला कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने कलेक्टर जनदर्शन में की शिकायत; नगर निगम भिलाई के तत्कालीन आयुक्त राजीव पांडे और वर्तमान भवन अधिकारी के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच माँग…
भिलाई/दुर्ग (29 जुलाई 2026):जिला कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने आज कलेक्टर जनदर्शन (दुर्ग) में उपस्थित होकर नगर पालिक निगम भिलाई में हुए गंभीर प्रशासनिक व वित्तीय भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के खिलाफ जिलाधीश (कलेक्टर) महोदय को शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने मामलों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।
जसप्रीत सिंह द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में दर्ज कराई गई शिकायतों के प्रमुख बिंदु निम्न प्रकार हैं:
1. तत्कालीन ( भूतपूर्व)निगम आयुक्त राजीव पांडे के खिलाफ शिकायत
छुट्टियों के दौरान डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) का अवैध उपयोग: तत्कालीन आयुक्त श्री राजीव पांडे पर आरोप है कि उन्होंने अपने संपूर्ण कार्यकाल में आधिकारिक अवकाश व अनुपस्थिति (26 मार्च 2026 एवं अन्य तिथियों) के दौरान e-file पोर्टल के माध्यम से कई फाइलों, भुगतानों और प्रकरणों को अवैध रूप से डिजिटल हस्ताक्षर कर मंजूरी दी।
गंभीर कानूनी उल्लंघन: छुट्टियों के दौरान शासकीय शक्ति का निष्पादन करना तथा निजी लाभ/गुप्त उद्देश्यों की पूर्ति हेतु प्रकरणों का निस्तारण करना भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात) व धारा 318 (छल एवं धोखाधड़ी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(d) व 13(2) का स्पष्ट उल्लंघन है, जिससे निगम को भारी राजस्व हानि हुई है।
RTI आवेदनों की उपेक्षा व साक्ष्य छुपाना: इस संबंध में मांगी गई RTI जानकारियों (आवेदन क्र. 262, 263, 264) के सिस्टम लॉग्स, डिजिटल रिकॉर्ड्स और अवकाश आदेशों को छुपाने का षड्यंत्र किया गया।
2. वर्तमान भवन अधिकारी की अनियमितताओं पर शिकायत
अवैध भवन अनुज्ञा एवं राजस्व क्षति: वर्तमान भवन अधिकारी पर छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 293, 294 एवं भूमि विकास नियम, 1984 के प्रावधानों को ताक पर रखकर नियम-विरुद्ध भवन अनुज्ञाएं जारी करने और निगम को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
RTI का उल्लंघन: भवन अनुज्ञाओं और निरस्त प्रकरणों से संबंधित RTI आवेदन (क्र. 266) में गलत और गुमराह करने वाली जानकारी देकर प्रकरण दबाने का प्रयास किया गया।
जसप्रीत सिंह द्वारा कलेक्टर से की गई मुख्य मांगें:
उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन: तत्कालीन आयुक्त राजीव पांडे की समस्त छुट्टियों की आधिकारिक रिपोर्ट निकाली जाए तथा अवकाश अवधि में स्वीकृत फाइलों, वित्तीय भुगतानों और डिजिटल हस्ताक्षर सिस्टम लॉग्स (DSC Audit Logs) की जांच हेतु एक स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
भ्रष्टाचार एवं धोखाधड़ी की FIR: जांच उपरांत प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध होने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ BNS और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जाए।
RTI अधिकारियों पर कार्यवाही: सूचना छुपाने वाले लोक सूचना अधिकारियों पर RTI अधिनियम की धारा 20 के तहत सख्त शास्ति लगाई जाए।
भवन अनुज्ञाओं की विशेष जांच: वर्तमान भवन अधिकारी के कार्यकाल की समस्त स्वीकृत व निरस्त भवन अनुज्ञाओं की विशेष जांच कराकर कड़ी कार्यवाही की जाए।