बिजली की खपत हुई कम, एम. ऊर्जा योजना से 06 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत…
- तीनों जिले के लगभग 94 प्रतिशत स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ता आए योजना के दायरे में आए
- दुर्ग, बालोद, बेमेतरा जिले केे उपभोक्ताओं की खपत में आई 25 प्रतिशत की कमी
दुर्ग, 04 अगस्त 2026 – दुर्ग रीजन में जुलाई-2026 के दौरान स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। स्लैब-वार उपभोग आंकड़ों के अनुसार कुल 6,43,112 स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं में से 6,02,188 उपभोक्ता (लगभग 94 प्रतिशत) 400 यूनिट तक बिजली खपत की श्रेणी में रहे हैं। इससे राज्य सरकार की एम. ऊर्जा (मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान) योजना का लाभ अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र(सीएसपीडीसीएल) ने जून-जुलाई के खपत का तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें पता चला कि जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 108.96 मिलियन यूनिट (एमयू) रही, जो जून-2026 में दर्ज 145.31 मिलियन यूनिट (एमयू) की तुलना में 25.02 प्रतिशत कम है।
जारी आंकड़ों के अनुसार जून-2026 की तुलना में जुलाई-2026 में कुल स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 6,43,112 पर स्थिर रही, किंतु उपभोक्ताओं के स्लैब-वार वितरण में उल्लेखनीय परिवर्तन दर्ज किया गया। 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की जून माह की संख्या 5,54,115 से बढ़कर जुलाई में 6,02,188 हो गई, जो 08.68 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं इस वर्ग की कुल बिजली खपत 79.96 मिलियन यूनिट से घटकर 76.65 मिलियन यूनिट रह गई।
इसी प्रकार 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 88,997 से घटकर 40,924 रह गई, जो 54.02 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। इस वर्ग की कुल बिजली खपत भी 65.36 मिलियन यूनिट से घटकर 32.31 मिलियन यूनिट दर्ज की गई।
सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेषक श्री शिरीष सेलट ने कहा कि बिजली खपत में यह कमी मुख्यतः दो कारणों से हुई है। पहला, मानसून सीजन के दौरान एयर कंडीशनर एवं कूलर जैसे विद्युत उपकरणों के उपयोग में स्वाभाविक मौसमी कमी तथा दूसरा, राज्य सरकार की एम ऊर्जा (मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान) का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से उपभोक्ताओं द्वारा अपनी बिजली खपत को नियोजित रूप से सीमित रखना। कार्यपालक निदेशक ने कहा कि सामान्यतः मानसून जून के दूसरे सप्ताह तक आ जाता है, परंतु इस वर्ष मानसून में देरी के कारण जून माह में अत्याधिक भीषण गर्मी रही, जिसके फलस्वरुप पंखों, कूलरों और एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ जाने से बिजली की मांग और खपत दोनों में भारी वृद्धि दर्ज की गई। यही कारण है कि उस माह बिजली का बिल अधिक आया है। इसमें किसी भी प्रकार से स्मार्ट मीटर की कोई भूमिका या तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि यह केवल अत्याधिक गर्मी और बढ़े हुए विद्युत उपभोग का परिणाम है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सभी आंकड़े स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं के वास्तविक मीटर रीडिंग पर आधारित हैं तथा पूर्णतः सत्यापित हैं। मीटर संबंधी किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर विभाग द्वारा तत्काल जांच की जाती है।
